Bennett University: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल रहा है बल्कि उत्पादकता के साथ ही आय और वैश्विक विकास को भी बढ़ावा दे रहा है। भारत के आर्थिक विकास को आकार देने में एआई एजुकेशन की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, बेनेट यूनिवर्सिटी ने स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लॉन्च किया है। भारत के एआई मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप ही इस पहल का उद्देश्य फंडामेंटल रिसर्च, इनोवेशन और एआई लीडर्स को प्रोत्साहन देकर इस क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
एआई क्रांति को मिलेगा बढ़ावा
एआई शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, टाइम्स ग्रुप के एमडी और चांसलर, श्री विनीत जैन (Mr. Vineet Jain) ने कहा कि स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत में एआई क्रांति को बढ़ाने में अग्रणी है। आने वाले समय में एआई एजुकेशन की मदद से हर क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और उत्पादकता में सुधार होगा। साथ ही तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था की मांगों को पूरा करने में एआई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एकेडमिक बोर्ड ने डिजाइन किया कोर्स
स्कूल ऑफ एआई भारत में अपनी तरह का पहला ऐसा स्कूल है, जो कि बेसिक कंप्यूटिंग, मैथ्स और भौतिकी घटकों के संदर्भ में एआई पर फिर से विचार करने और कई इंडस्ट्रियल और रिसर्च एप्लीकेशन्स के साथ संबंध विकसित करने पर जोर देता है। यह अत्याधुनिक पाठ्यक्रम एक ऐसे एकेडमिक बोर्ड द्वारा डिजाइन किया गया है, जिसमें दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों और माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, आईबीएम आदि जैसे उद्योगों के सदस्य शामिल हैं।
उपभोक्ता की जगह निर्माता बनेंगे छात्र
पहले सेमेस्टर की शुरुआत से छात्र एआई और प्रैक्टिकल कोडिंग सीखेंगे, जिसमें क्षेत्र की व्यापक नींव और भविष्य-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर दिया जाएगा। यह उन्हें उपभोक्ता बनने के बजाय निर्माता बनने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। यानी छात्र ChatGpt जैसे मंच का उपयोग करने की जगह मल्टीमॉडल एआई मॉडल का अपना संस्करण बनाने में सक्षम होंगे। प्रत्येक एआई पाठ्यक्रम में 20% अनुसंधान घटक शामिल होगा, जो आजीवन सीखने की गारंटी के साथ ही समस्या-समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देगा।
प्रदान करेगा ग्लोबल नेटवर्क
एक समावेशी दृष्टिकोण के साथ स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सक्रिय रूप से शीर्ष विश्वविद्यालयों, साइंस फाउंडेशनों और शीर्ष उद्योगों के साथ इंटर डिसिप्लिनरी सहयोग में लगा हुआ है। इसके द्वारा आयोजित अत्याधुनिक सेमिनार व वर्कशॉप, एक्सपर्ट्स और प्रैक्टिशनर्स को एक ग्लोबल नेटवर्क प्रदान करने के साथ ही फैकल्टी और छात्रों को एआई क्रांति में सबसे आगे आने का मौका देंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मेजर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बी.टेक 14 उद्योग-केंद्रित विशेषज्ञता प्रदान करता है। छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मेजर करने के साथ ही लीगल टेक, फिनटेक, एग्री-टेक, मीडिया, हेल्थकेयर, डिजिटल साइकोलॉजी, मटेरियल साइंसेज, एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी, वायरलेस नेटवर्क, डेटा साइंस, फार्मा और बायोटेक, रोबोटिक्स, सिग्नल प्रोसेसिंग और क्वांटम में से विशेषज्ञता चुन सकते हैं। इसके अलावा यह स्कूल ऐसे प्रोग्राम प्रदान करेगा जिससे अन्य स्कूलों के छात्रों को भी एआई का पेशेवर भविष्य में उपयोग समझने का मौका मिलेगा।
एआई में कर सकेंगे पीएचडी
अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और उन्नत कंप्यूटिंग सुविधाओं के साथ ही विभिन्न उद्योग, छात्र और फैकल्टी एकजुट होकर स्वास्थ्य सेवा, फिनटेक, मीडिया आदि जैसे विभिन्न पेशेवर डोमेन में रिसर्च के अवसरों पर काम करेंगे। साथ ही तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देंगे। यह स्कूल एआई के क्षेत्र में पीएचडी प्रोग्राम भी ऑफर करेगा।
प्रो अजित अब्राहम करेंगे नेतृत्व
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्कूल का नेतृत्व डॉ. (प्रो.) अजित अब्राहम करेंगे, जिनका उद्देश्य रचनात्मकता को बढ़ावा देना और एक समावेशी वातावरण बनाना है। प्रोफेसर अजित अब्राहम को एआई के क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उनके उल्लेखनीय पब्लिकेशन रिकॉर्ड, रीसर्च और योगदान के लिए उन्हें ScholarGPS द्वारा मान्यता दी गई है। विश्व स्तर पर वह कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में शीर्ष 0.02% विद्वानों में से एक हैं।
