Annual Status of Education Report (ASER) 2023 रिपोर्ट जारी कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के ग्रामीण स्कूलों में कक्षा 3 के छात्रों की पढ़ने की क्षमता में जबरदस्त गिरावट देखी गई है, क्योंकि कक्षा 3 के केवल 20.5% छात्र ही कक्षा 2 की पाठ्यपुस्तक पढ़ पाने में सक्षम पाए गए। रिपोर्ट ने ASER 2018 की रिपोर्ट की तुलना में बच्चों की पढ़ने की क्षमता में 7 प्रतिशत अंकों की गिरावट को दर्ज किया गया है।
बड़े स्तर पर हुआ सर्वे
इस बार चार साल बाद ASER रिपोर्ट को जारी किया गया है। ASER ने एक ट्वीट में कहा, “ASER 2022 बच्चों के नामांकन और सीखने के परिणामों पर राष्ट्रीय और देश के हर राज्य के लिए महामारी के प्रभाव पर महत्वपूर्ण सबूत प्रदान करेगा।” 616 जिलों के 19,060 गांवों में 17,002 सरकारी स्कूलों में आयोजित एएसईआर सर्वेक्षण में 6 से 14 वर्ष की आयु के 7 लाख बच्चे शामिल थे।
पढ़ने की क्षमता में जबरदस्त गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के ग्रामीण स्कूलों में कक्षा 3 के छात्रों की पढ़ने की क्षमता में खतरनाक गिरावट देखी गई है क्योंकि ऐसे छात्रों में से केवल 20.5% ही कक्षा 2 की पाठ्यपुस्तक पढ़ सकते हैं। रिपोर्ट ने ASER 2018 की रिपोर्ट की तुलना में बच्चों की पढ़ने की क्षमता में 7 प्रतिशत अंकों की गिरावट को रेखांकित किया, जिसमें बताया गया था कि कम से कम 27.5% कक्षा 3 के बच्चे कक्षा 2 की किताब पढ़ने में सक्षम थे।
देखें 2018 की रिपोर्ट
2023 की इस रिपोर्ट को यदि ASER 2018 की रिपोर्ट से तुलना की जाए तो हमे पता चलता है कि बच्चों की पढ़ने की क्षमता में 7 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है, क्योंकि 2018 की रिपोर्ट में बताया गया था कि कक्षा 3 के कम से कम 27.5% ऐसे छात्र थे, जो कि कक्षा 2 की किताब पढ़ सकते थे।
पिछली कक्षा की नहीं पढ़ पा रहे किताबें
शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर) 2022 के अनुसार, पिछले एक दशक में देश में प्राथमिक और मध्य विद्यालय के छात्रों ने अंग्रेजी पढ़ने के कौशल को विकसित करने के लिए बहुत कम योगदान दिया है।
चार साल बाद जारी हुई रिपोर्ट
शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ASER) 2022 को चार साल बाद आज जारी किया गया है। एएसईआर 2022 रिपोर्ट के जरिये हमें देश में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता की स्थिति और स्कूलों में सीखने के परिणामों के बारे में पता चलता है।
