CUET 2022 Exam Analysis: सीयूईटी यूजी स्लॉट 1 की परीक्षा हुई समाप्त, जानें कैसा रहा पेपर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 15, 2022, 04:13 PM IST

CUET Paper 1 Analysis: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट, CUET 2022 की स्लॉट 1 की परीक्षा आज 15 जुलाई 2022 को समाप्त हो गई है। विशेषज्ञों ने पेपर को बेहद आसान बताया है। पेपर में सवाल NCERT किताब से पूछे गए थे...

CUET 2022 Exam Analysis: सीयूईटी यूजी स्लॉट 1 की परीक्षा हुई समाप्त, जानें कैसा रहा पेपर

CUET Paper 1 Analysis: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट, CUET 2022 की स्लॉट 1 के लिए परीक्षा आज 15 जुलाई 2022 को समाप्त हो गई है। विभिन्न सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन के लिए आज पहली परीक्षा आयोजित की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार CUET 2022 का पेपर आसान आया था। पेपर में मौजूद सवाल छात्रों के लिए तीर जैसे सीधे थे जिस कारण छात्रों ने भी आसानी से उनका हल ढूंढ लिया। 

आज कुल 8 लाख छात्रों ने दी परीक्षा

एनटीए ने आज सुबह 9:00 बजे यूजी प्रवेश के लिए पहली सीयूईटी परीक्षा आयोजित की थी। कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड सीबीटी, में आयोजित किया गया यह पेपर 3.15 घंटे लंबा था। चुने गए सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन के आधार पर छात्रों को परीक्षा के लिए उपस्थित होना था। राष्ट्रीय स्तर की सबसे बड़ी परीक्षा में से एक है CUET UG 2022 की परीक्षा के लिए 8 लाख से अधिक छात्र उपस्थित हुए हैं। वहीं कुल 15 लाख छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। 

CUET 2022 Paper Analysis

इस बार CUET 2022 की परीक्षा पहली बार आयोजित की जा रही है जिस कारण से परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र काफी चिंतित नजर आ रहे थे। हालांकि परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते समय छात्रों के चहरों पर एक राहत भरी मुस्कान नजर आई। कई छात्रों ने बताया कि पेपर का कठिनाई स्तर बेसित था वहीं प्रश्न एनसीईआरटी के थे जो कि आसान थे। कई छात्रों ने सीबीएसई टर्म 1 और टर्म 2 बोर्ड परीक्षा से इसकी तुलना करते हुए कहा कि कठिनाई का स्तर बराबर था। विशेष रूप से, इस वर्ष की सीबीएसई परीक्षाओं को भी 'सामान्य से अधिक आसान' बताया गया था।

पेपर पर क्या बोले विशेषज्ञ?

श्रीमती अंशु मित्तल, प्रिंसिपल, एमआरजी स्कूल, रोहिणी ने बताया कि, ‘सीयूईटी का पेपर आसान था और इसमें जटिल या ट्रिकी प्रश्न नहीं थे जो छात्रों को मूर्खतापूर्ण गलतियां करने के लिए प्रेरित कर सकते थे। पारंपरिक पैसेज-आधारित प्रश्न और व्याकरण विश्लेषण प्रश्न होने से अंग्रेजी का पेपर आसान था। गणित के पेपर में भी कोई डर नहीं था और इसमें बुनियादी प्रश्न थे जिन्हें छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए पहले ही पढ़ लिया होगा। प्रश्न पत्रों को हल करना आसान था।’

विशेषज्ञों और अधिकतम छात्रों की माने तो पेपर बेहद आसान था, जिसने यकीनन छात्रों को राहत भरी सांस दी है। हालांकि अब देखना होगा कि क्या बाकी के पेपर भी इसी तरह के होंगे या डिफिकल्टी लेवल धीरे धीरे बढ़ता जाएगा।

End of Article