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कहां हैं संत प्रेमानंद महाराज, रसिक दुलारी की मौत के बाद क्यों नहीं दिख रहे?

Premanand Maharaj News: कहां है संत प्रेमानंद महाराज? शिष्ट रसिक दुलारी की मौत से पहले ही प्रेमानंद महाराज केलि कुंज को छोड़कर जा चुके थे।

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कहां है प्रेमानंद महाराज (फोटो- vrindavanrasmahima & Times Now Navbharat)

Premanand Maharaj News: संत प्रेमानंद महाराज, अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखे गए हैं। उनके बारे में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। आश्रम की ओर से भी बाबा प्रेमानंद महाराज को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। जिसके बाद से उनके भक्तों के बीच चिंता दिखने लगी है। खबर है कि प्रेमानंद महाराज, पिछले कई दिनों से आश्रम में नहीं हैं।

कहां है संत प्रेमानंद महाराज?

संत प्रेमानंद महाराज को लेकर जो नए दावे सामने आए हैं, उसमें कहा जा रहा है कि वो अपने आश्रम केलि कुंज को छोड़कर जा चुके हैं। प्रेमानंद महाराज इस समय बेलवन आश्रम चले गए हैं, जो केलीकुंज से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित वाराह घाट के पास उनका प्रसिद्ध पुराना आश्रम 'श्री हित राधा केलि कुंज' स्थित है। वहीं वे यमुना पार बेलवन के पास प्रेमानंद महाराज का एक और नया आश्रम निर्मित किया गया है, जिसका नाम 'यमुना विहार कुंज' आश्रम है, वो इस समय यहीं रह रहे हैं।

किसी ने क्यों नहीं मिल रहे प्रेमानंद महाराज?

रिपोर्ट्स की मानें तो प्रेमानंद महाराज इन दिनों एकांतावास में हैं, वो इस समय आम भक्तों को पहले की तरह नियमित दर्शन या दीक्षा नहीं दे रहे हैं। रसिक दुलारी की मौत से कई महीने पहले बाबा प्रेमानंद महाराज, केलि कुंज छोड़कर जा चुके हैं।

रसिक दुलारी की मौत और विवाद

रसिक दुलारी प्रेमानंद महाराज के शिष्य थे। 25 सितंबर 2026 को रसिक दुलारी ने केलि कुंज आश्रम की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके कई वीडियो सामने आ चुके हैं। रसिक दुलारी के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके लिंग पर जख्म का दावा किया गया है। वीडियो में भी उनकी धोती पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। इसी को लेकर मुख्य रूप से विवाद है कि आखिर रसिक दुलारी ने आत्महत्या क्यों की, लिंग पर जख्म कहां से आया?

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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