संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला गहराता जा रहा है। उनके परिवार ने मामले की जांच की मांग उठाई है। वृंदावन से अंतिम संस्कार के बाद जबलपुर लौटे मृतक के छोटे भाई मनीष पटेल ने मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की CBI जांच कराने की मांग की है।
मौत की सच्चाई सामने लाने की मांग
जबलपुर के गौर इलाके के रहने वाले दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की खबर बीते शुक्रवार को परिवार को मिली। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को फोन आने के बाद उनकी मां, भाई और अन्य परिजन वृंदावन के लिए रवाना हुए थे। अंतिम संस्कार के बाद परिवार वापस जबलपुर लौट आया। वृंदावन से लौटने के बाद मृतक के भाई मनीष पटेल ने मीडिया के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। परिजनों के अनुसार, मृतक के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। इसके अलावा घटनास्थल वाले कमरे में ग्राइंडर मिलने की बात भी कही है। जिससे मौत का रहस्य और गहरा गया है। परिवार ने इन परिस्थितियों को लेकर मौत की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच की मांग की है।
वृंदावन में तीन घंटे इंतजार कराने का आरोप
मृतक के भाई मनीष पटेल ने मौत को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि मामले में कुछ गलत हुआ है। उन्होंने कहा, "मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से CBI जांच कराने की मांग करता हूं। कुछ तो गलत हुआ है, ऐसा नहीं कर सकते वो।" मनीष पटेल ने आरोप लगाया कि वृंदावन पहुंचने के बाद परिवार को लगभग तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उनके मुताबिक, वहां कोई भी मामले के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार नहीं था। परिवार ने इस स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
कई मंजिला इमारत में अकेले रहने की बात पर सवाल
परिजनों को घटनास्थल वाली इमारत में रसिक दुलारी शरण के अकेले रहने की जानकारी दी गई। हालांकि, परिवार के अनुसार, इतनी बड़ी इमारत में उनके अकेले रहने की बात उन्हें समझ में नहीं आ रही है। इसी को लेकर परिजनों के मन में कई सवाल हैं। परिवार का कहना है कि मामले की CBI जांच होनी चाहिए, ताकि मौत से जुड़े सवालों का जवाब मिल सके।
