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क्या है Videocon loan case जिसमें फंसी है चंदा कोचर, करोड़ों के खेल में CBI ने कस रखा है शिकंजा

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Dec 24, 2022, 04:45 PM IST

Videocon loan case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ-एमडी चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को 26 दिसंबर, सोमवार तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया है। इन्हें हजारों करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में गिरफ्तार किया गया है।

Videocon loan case: चंदा कोचर (Chanda Kochhar) आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ-एमडी, एक समय में बैंकिंग सेक्टर में बड़ा नाम, चर्चित चेहरा...अब सीबीआई के शिकंजे में हैं। चंदा कोचर के साथ-साथ उनके पति भी फिलहाल सीबीआई की हिरासत में है। सीबीआई ने उन्हें वीडियोकॉन लोन केस में गिरफ्तार किया है। जहां उनसे पूछताछ जारी है।

क्या है वीडियोकॉन लोन केस

2019 में जारी एक प्राथमिकी में सीबीआई ने कहा कि आरोपी चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक को धोखा देते हुए कुछ निजी कंपनियों को लोन मंजूर किए थे। सितंबर 2020 में, प्रवर्तन निदेशालय ने उनके पति दीपक कोचर को ICICI-वीडियोकॉन ऋण मामले में मुख्य आरोपियों में से एक बताया।

कैसे हुआ खेल

चंदा कोचर ने नियमों को ताक पर रखकर, वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ का लोन दिया था। इस प्रक्रिया में आईसीआईसीआई बैंक और आरबीआई के नियमों की अनदेखी की गई थी। बदले में दीपक कोचर की कंपनी में वीडियोकॉन के प्रमोटर ने काफी निवेश किया था। जानकारी के अनुसार नूपावर रिन्यूएबल- जिसके मालिक दीपक कोचर थे, में वीडियोकॉन के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत ने 2012 में लोन पास करने के बाद 64 करोड़ का निवेश किया था। मतलब पत्नी ने 3250 करोड़ का लोन मंजूर किया और बदले में 64 करोड़ उनकी कंपनी में आ गए।

फिर हुआ बड़ा खेल

चंदा कोचर ने जो लोन वीडियोकॉन को दिया था वो NPA में बदल गया। इसके बाद इस मामले की जांच शुरू हुई और चंदा कोचर सवालों के घेरे में आ गईं। इसे बैंक धोखाधड़ी बताया गया। अक्टूबर 2018 में, चंदा कोचर ने बैंक के सीईओ और एमडी का पद छोड़ दिया। सीबीआई ने इस मामले में 2019 में केस दर्ज किया और आरोपी के रूप में चंदा कोचर और दीपक कोचर के नाम को शामिल कर लिया।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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