What is Katihar Narsanhar: सोमवार को ट्विटर पर कटिहार नरसंहार जमकर ट्रेंड कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि कटिहार में कुख्यात मोहन ठाकुर गैंग ने सात लोगों की हत्या कर दी है। मोहन ठाकुर भूमिहार जाति से संबंध रखता है और मरने वाले यादव जाति से। ट्विटर पर किए जा रहे दावों की मानें तो यह जातीय वर्चस्व की भी लड़ाई है।
क्या है मामला
दरअसल कटिहार में एक जगह है, जो गंगा नदी के बीच में है। इसे बकिया दियारा कहते हैं। दियारा वो इलाका होता है, जो कुछ समय के लिए नदी में डूबता है, फिर बाहर निकल जाता है। यह जमीन काफी उपजाऊ होती है, अक्सर दियारा इलाके में वर्चस्व की लड़ाई रहती है। अपराधियों का पनाहगाह भी यह माना जाता है। इसी बकिया दियारा को लेकर दो गैंगों में लड़ाई हो गई। लड़ाई भी ऐसी की सैकड़ों राउंड गोलियां चली। कई लोगों की मौत का दावा भी किया जा रहा है।
मोहन ठाकुर बनाम पिंकू यादव
बकिया दियारा में जमीन को लेकर लड़ाई काफी पुरानी है। सालों से मोहन ठाकुर गैंग बनाम पिंकू यादव गैंग की लड़ाई है। हर साल जब नदी का पानी उतरता है और यह उपजाऊ जमीन जब बाहर आती है तो गैंगवार भी शुरू हो जाता है। इस साल भी यह हुआ। जमीन की लड़ाई में दोनों गैंग एक दूसरे के खून के प्यासे हुए और गोलियों की बौछार हो गई। मोहन ठाकुर गैंग को कितना नुकसान हुआ ये तो पता नहीं, लेकिन पिंकू गैंग के सात लोगों को मारे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने चार मौतों की पुष्टि की है।
जातीय वर्चस्व की ओर बिहार?
बिहार में जातीय वर्चस्व की लड़ाई काफी पुरानी है। कई नरसंहार इसे लेकर हो चुके हैं। इस घटना को भी स्थानीय लोग नरसंहार का नाम दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह लड़ाई भूमिहार बनाम यादव की है। हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से ऐसी पुष्टि नहीं की गई है। पीड़ित परिवार का दावा है कि रंगदारी नहीं देने के कारण यह हत्या की गई है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दियारा में ही पुलिस घटना के बाद कैंप कर रही है।
