आपने चोरी का एक से एक तरीका सुना होगा, लेकिन आजकल जो तरीका गाजियाबाद में उपयोग हो रहा है, वो काफी अलग है और इसमें बस एक अखबार की जरूरत पड़ती है। चोर अपने शिकार का पता चलाने के लिए इसका प्रयोग कर रहे हैं।
कैसे रचते हैं खेल
दरअसल चोर जब अपने शिकार की पहचान कर लेते हैं तो कंफर्म करने के लिए अखबार का प्रयोग करते हैं। चोर सबसे पहले उस घर में अखबार डालते हैं, जिस घर में उन्हें लूट को अंजाम देना होता है। अगर किसी ने अखबार को उठा लिया तो वो डाके का प्लान कैंसिल कर देते हैं, अगर अखबार नहीं उठा तो वो समझ जाते हैं कि घर में कोई मौजूद नहीं है, बस फिर क्या, वो आराम से घर में घुसते हैं और चोरी करके फरार हो जाते हैं।
कहां की है घटना
ऐसी घटना गाजियाबाद में अवंतिका फेज 2 में सामने आई है। जहां चोरों ने 10 लाख रुपये की नकदी और गहने पर हाथ साफ कर दिया। घटना का पता तब चला जब परिवार बुधवार को वैष्णो देवी की यात्रा से लौटा। परिवार 29 अक्टूबर शनिवार को यात्रा के लिए अपने घर से निकला था। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके घर से सोने-चांदी के जेवर लूटे हुए हैं, साथ ही नकदी भी गायब है।
पीड़ित ने क्या कहा
पीड़ित परिवार ने घटना के बारे में कहा कि जब वो वापस लौटे तो घर का मुख्य दरवाजा खुला था और सामने लोहे की जाली का दरवाजा भी आंशिक रूप से खुला था। घर के बाहर खुले में एक अखबार भी पड़ा था। घर के कमरों में तोड़फोड़ की गई थी। सबसे गौर करने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवार अखबार लेता ही नहीं है। लेकिन उसके घर में अखबार पड़ा मिला था।
