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चोरी का एक तरीका ऐसा भी...अखबार फेंको, उठाया तो ठीक नहीं तो डाल दो डाका

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 3, 2022, 11:17 PM IST

Crime News: गाजियाबाद में चोरी का एक अनोखा तरीका सामने आया है। जहां चोर, चोरी के लिए अखबार का प्रयोग कर रहे हैं। चोरों की यह टेक्निक ऐसी है, जो हर बार हमेशा सफल ही रहती है। यही कारण है कि चोर इस तकनीक के सहारे घरों में डाका डाल रहे हैं।

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गाजियाबाद में लूट का अनोखा तरीका (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

आपने चोरी का एक से एक तरीका सुना होगा, लेकिन आजकल जो तरीका गाजियाबाद में उपयोग हो रहा है, वो काफी अलग है और इसमें बस एक अखबार की जरूरत पड़ती है। चोर अपने शिकार का पता चलाने के लिए इसका प्रयोग कर रहे हैं।

कैसे रचते हैं खेल

दरअसल चोर जब अपने शिकार की पहचान कर लेते हैं तो कंफर्म करने के लिए अखबार का प्रयोग करते हैं। चोर सबसे पहले उस घर में अखबार डालते हैं, जिस घर में उन्हें लूट को अंजाम देना होता है। अगर किसी ने अखबार को उठा लिया तो वो डाके का प्लान कैंसिल कर देते हैं, अगर अखबार नहीं उठा तो वो समझ जाते हैं कि घर में कोई मौजूद नहीं है, बस फिर क्या, वो आराम से घर में घुसते हैं और चोरी करके फरार हो जाते हैं।

कहां की है घटना

ऐसी घटना गाजियाबाद में अवंतिका फेज 2 में सामने आई है। जहां चोरों ने 10 लाख रुपये की नकदी और गहने पर हाथ साफ कर दिया। घटना का पता तब चला जब परिवार बुधवार को वैष्णो देवी की यात्रा से लौटा। परिवार 29 अक्टूबर शनिवार को यात्रा के लिए अपने घर से निकला था। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके घर से सोने-चांदी के जेवर लूटे हुए हैं, साथ ही नकदी भी गायब है।

पीड़ित ने क्या कहा

पीड़ित परिवार ने घटना के बारे में कहा कि जब वो वापस लौटे तो घर का मुख्य दरवाजा खुला था और सामने लोहे की जाली का दरवाजा भी आंशिक रूप से खुला था। घर के बाहर खुले में एक अखबार भी पड़ा था। घर के कमरों में तोड़फोड़ की गई थी। सबसे गौर करने वाली बात यह है कि पीड़ित परिवार अखबार लेता ही नहीं है। लेकिन उसके घर में अखबार पड़ा मिला था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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