क्राइम

बाप-बेटे को घर में घुसकर मारी गोली, दोस्त को दौड़ाकर उतारा मौत के घाट, सोनभद्र ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा फैसला

यूपी सोनभद्र जिले की एक अदालत ने 20 वर्ष पुराने तिहरे हत्याकांड में तीन लोगो को उम्र कैद की सजा सुनाई। 22 दिसंबर 2004 को यह जघन्य हत्याकांड हुआ था।

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बाप-बेटे को घर में घुसकर मारी गोली, दोस्त को दौड़ाकर उतारा मौत के घाट, सोनभद्र ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा फैसला

सोनभद्र: जिले की एक अदालत ने 20 वर्ष पुराने तिहरे हत्याकांड में बृहस्पतिवार को तीन लोगो को उम्र कैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार पाठक ने बताया कि 22 दिसंबर 2004 को संजय सिंह ने पन्नूगंज थाने में एक नामजद लिखित प्राथमिकी द्वारा सूचित किया था कि 22 दिसंबर 2004 को सात-आठ लोग राइफल, बंदूक़ एवं लाठी लेकर उनके घर में घुस गये और उनके पिता शिव सिंह एवं छोटे भाई धनंजय सिंह उर्फ़ राजू की गोली मारकर हत्या कर दी ।

संजय सिंह ने शिकायत की थी कि उसके बाद लगभग आधा किलोमीटर दूर जाकर अभियुक्तों ने उसके मित्र नंदलाल गिरि की भी गोली मारकर हत्या कर दी। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना के पश्चात मुन्ना विश्वकर्मा, मुन्नी एवं राकेश के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।पाठक ने बताया कि यह मामला पुश्तैनी दुश्मनी का था। संजय सिंह ने पुलिस से कहा था कि 1994 में उसके नाना जयकरन सिंह की हत्या पूरना गांव निवासी सुनील सिंह ने की थी तथा बाद में सुनील सिंह की भी 1997 में हत्या कर दी गयी जिसमें संजय सिंह के पिता शिव सिंह एवं नंदलाल गिरी नामजद आरोपी थे और घटना के समय जमानत पर थे ।

वादी के अनुसार पुराने हत्याकांड के रंजिश में 22 दिसंबर की इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया था । उक्त प्रकरण की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के पश्चात तीनों आरोपियों को उम्र क़ैद की सजा सुनायी और उनपर 30-30 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि जुर्माना अदा नहीं करने पर प्रत्येक को चार-चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी ।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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