क्राइम

अफेयर के शक में भाई-पिता ने सोफिया की हथौड़े से कर दी हत्या, बताया रोड हादसा, परत दर परत हुआ मर्डर का खुलासा

ACP के मुताबिक, जांच में सामने आया कि सोफिया का करीब तीन महीने पहले किसी युवक के साथ एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस का आरोप है कि यह वीडियो परिवार और बिरादरी तक पहुंचा था।

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सोफिया की बेरहमी से हत्या

Ahmedabad News: अहमदाबाद में 22 वर्षीय युवती सोफिया की मौत के मामले में पुलिस ने कथित ऑनर किलिंग का खुलासा किया है। शुरुआत में मामले को हिट एंड रन के तौर पर दर्ज कराया गया था, लेकिन विस्तृत जांच में पुलिस को शिकायत, CCTV फुटेज और कॉल डिटेल में कई विसंगतियां मिलीं। पुलिस का आरोप है कि युवती के पिता और भाई ने उसकी हत्या कर वारदात को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की। मामला एम डिवीजन ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 106(1), 125(a), 125(b), 281 और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज हुआ था। 12 अगस्त की रात सोफिया को गंभीर हालत में सोल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां 13 अगस्त को रात 12:05 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।

पहले दर्ज कराई गई थी हिट एंड रन की शिकायत

शुरुआती शिकायत सोफिया के भाई मोहम्मद हाबिल मोहम्मद फारूक, उम्र 38 वर्ष ने दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक वह अपनी बहन सोफिया को निकी अस्पताल, बोपल से मोटरसाइकिल पर लेकर घर जा रहा था। घेलजीपुरा चार रास्ते से समृद्ध डेयरी की ओर जाते समय करीब रात 11 बजे एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी और फरार हो गया। हादसे में हाबिल को चोट लगी, जबकि सोफिया के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

CCTV से सामने आई पहली बड़ी विसंगति

ACP ट्रैफिक एस.जे. मोदी के मुताबिक, पुलिस ने हादसे वाले रूट और आसपास के CCTV फुटेज की जांच शुरू की। शिकायत में हाबिल ने बताया था कि मोटरसाइकिल पर वह और उसकी बहन ही थे। हालांकि, अस्पताल और रास्ते के CCTV फुटेज में मोटरसाइकिल पर तीन लोग दिखाई दिए। पुलिस के मुताबिक, एक व्यक्ति हेलमेट पहनकर बाइक चला रहा था, हाबिल बीच में बैठा था और सोफिया पीछे बैठी थी। इसके अलावा, पुलिस को शिकायत में बताए गए रूट और समय के मुताबिक कोई हादसा होता हुआ CCTV में नहीं मिला।

कॉल डिटेल ने भी बढ़ाया पुलिस का शक

पुलिस ने हाबिल के मोबाइल की कॉल डिटेल भी हासिल की। हाबिल ने अपने बयान में बताया था कि हादसे के बाद वह बेहोश हो गया था और बाद में एक रिक्शा चालक ने उसे होश में लाया तथा उसके फोन से पिता को जानकारी दी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक कॉल डिटेल में 12 अगस्त को रात 10:52:08 बजे हाबिल के मोबाइल पर एक इनकमिंग कॉल दर्ज मिली, जिसकी अवधि 14 सेकंड थी। इससे उसके बयान और तकनीकी रिकॉर्ड के बीच विसंगति सामने आई। पुलिस के मुताबिक CCTV, कॉल डिटेल और बयान में अंतर मिलने के बाद हादसे की कहानी पर संदेह और मजबूत हुआ।

पुलिस का दावा, तीन महीने पहले वायरल हुआ था वीडियो

ACP मोदी के मुताबिक, जांच में सामने आया कि सोफिया का करीब तीन महीने पहले किसी युवक के साथ एक वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस का आरोप है कि यह वीडियो परिवार और बिरादरी तक पहुंचा था। पुलिस के अनुसार, परिवार ने सोफिया को कई बार समझाया था। परिवार को कथित तौर पर उसकी निजी जिंदगी को लेकर सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की चिंता थी। पुलिस का यह भी कहना है कि परिवार की एक अन्य बेटी की शादी नहीं हो पा रही थी और आरोपी इस स्थिति को लेकर भी चिंतित थे।

पुलिस का दावा, गोदाम में रची गई हत्या की साजिश

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में हाबिल ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि हादसे की शिकायत झूठी थी। पुलिस का आरोप है कि हाबिल और उसके पिता मोहम्मद फारूक नवाबखान, उम्र 56 वर्ष ने मिलकर सोफिया को जान से मारने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, दोनों ने अपने गोदाम से लोहे की हथौड़ी ली और वारदात को सड़क हादसे जैसा दिखाने की योजना बनाई। 12 अगस्त की रात दोनों सोफिया को लेने निकी अस्पताल पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उस समय पिता मोटरसाइकिल चला रहा था, हाबिल पीछे बैठा था और बाद में सोफिया भी बाइक पर सवार हुई।

सुनसान जगह ले जाकर हमला करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, तीनों शेला और एसपी रिंग रोड होते हुए घेलजीपुरा की तरफ गए। इसके बाद मोटरसाइकिल को एक सुनसान कच्चे रास्ते की ओर ले जाया गया। पुलिस का आरोप है कि सुनसान जगह पर हाबिल ने हथौड़ी से सोफिया के सिर के पिछले हिस्से पर वार किया। इसके बाद कथित तौर पर दो और वार किए गए। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी कुछ समय तक मौके पर रहे और सोफिया की मौत सुनिश्चित करने के बाद शव को मोटरसाइकिल पर लेकर मुख्य सड़क की ओर आए।

हादसे की झूठी कहानी बनाने का आरोप

पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने सोफिया को सड़क किनारे डिवाइडर के पास इस तरह रखा, जिससे मामला सड़क हादसा लगे। मोटरसाइकिल को भी कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक, हाबिल ने अपने हाथ पर भी चोट का निशान बनाया और खुद को हादसे में घायल दिखाने की कोशिश की। इसके बाद उसके पिता के मौके से चले जाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, कथित वारदात में इस्तेमाल हथौड़ी रास्ते में फेंक दी गई और आरोपी ने बाद में हादसे की झूठी कहानी बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

दोनों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं

ACP एस.जे. मोदी ने बताया कि दोनों आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस के अनुसार, दोनों लुहारी/धातु का काम करते हैं। पुलिस का कहना है कि परिवार की प्रतिष्ठा और दूसरी बेटी की शादी को लेकर कथित चिंता हत्या की साजिश के पीछे का कारण थी। हालांकि, यह पुलिस की जांच में सामने आया कथित मकसद है और अदालत में इसका परीक्षण होना बाकी है।

सरखेज पुलिस कर रही आगे की जांच

जांच के बाद मामले को सरखेज पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है, जहां दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। ACP मोदी के मुताबिक, आगे की जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी सबूत जुटाकर उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई करेगी। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और जांच में सामने आई बातें अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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