World EV Day 2026: अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो पेट्रोल-डीजल कार के साथ इलेक्ट्रिक कार (EV) का विकल्प भी देख सकते हैं। इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती कीमत कई बार ज्यादा होती है, लेकिन इसकी रनिंग और मेंटेनेंस लागत कम हो सकती है। ऐसे में लंबे समय तक कार चलाने वाले व्यक्ति के लिए इलेक्ट्रिक कार किफायती साबित हो सकती है। इलेक्ट्रिक कार पेट्रोल से कितनी सस्ती पड़ सकती है, इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं-
कितनी सस्ती पड़ेगी इलेक्ट्रिक कार
मान लीजिए आप साल में 12,000 किलोमीटर कार चलाते हैं और मान लेते हैं कि पेट्रोल कार औसतन 18 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है और पेट्रोल की कीमत करीब 103 रुपये प्रति लीटर है। ऐसे में 12,000 किलोमीटर चलाने के लिए करीब 667 लीटर पेट्रोल की जरूरत होगी।
यानी सालाना पेट्रोल का खर्च करीब 68,700 रुपये आएगा। पांच साल में यही खर्च लगभग 3.43 लाख रुपये हो जाएगा।
अब इलेक्ट्रिक कार की बात करते हैं। अगर इलेक्ट्रिक कार की औसत खपत करीब 0.15 यूनिट प्रति किलोमीटर है और घर पर चार्जिंग के लिए बिजली की औसत कीमत 9 रुपये प्रति यूनिट मानें तो 12,000 किलोमीटर के लिए करीब 1,800 यूनिट बिजली की जरूरत होगी।
इस हिसाब से सालाना चार्जिंग खर्च लगभग 16,200 रुपये होगा। पांच साल में यह करीब 81,000 रुपये बैठता है।
यानी सिर्फ ऊर्जा यानी पेट्रोल और बिजली के खर्च की तुलना करें तो पांच साल में इलेक्ट्रिक कार से करीब 2.62 लाख रुपये की बचत हो सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत कार की एफिशिएंसी, पेट्रोल की कीमत, बिजली की दर और ड्राइविंग पैटर्न पर निर्भर करेगी।
मेंटेनेंस में भी हो सकती है बचत
इलेक्ट्रिक कार में इंजन ऑयल, स्पार्क प्लग और कई दूसरे इंजन से जुड़े पार्ट्स नहीं होते। इसलिए नियमित सर्विस का खर्च पेट्रोल कार की तुलना में कम हो सकता है। हालांकि, टायर, ब्रेक और दूसरे सामान्य मेंटेनेंस का खर्च दोनों तरह की कारों में रहता है।
इन बातों का भी रखें खास ख्याल
लेकिन सिर्फ रनिंग कॉस्ट देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। इलेक्ट्रिक कार की खरीद कीमत, इंश्योरेंस, चार्जिंग की सुविधा और बैटरी वारंटी जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।
अगर कोई व्यक्ति कार को लंबे समय तक चलाता है और उसके पास घर या ऑफिस पर चार्जिंग की सुविधा है, तो इलेक्ट्रिक कार का फायदा बढ़ सकता है। वहीं, बहुत कम किलोमीटर चलाने वाले व्यक्ति के लिए ज्यादा शुरुआती कीमत की भरपाई करने में अधिक समय लग सकता है।
इसलिए कार खरीदने से पहले खरीद कीमत + ईंधन/चार्जिंग खर्च + मेंटेनेंस + इंश्योरेंस को मिलाकर कम से कम 5 साल का कुल खर्च निकालना ज्यादा सही तरीका है।
