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Rajasthan Gangrape Case: BJP बोली-बेटियों के साथ दरिंदगी होती रही, Gehlot सरकार बचाते रहे

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 1, 2022, 11:58 AM IST

Rajasthan Gangrape Case: राजस्थान के अलवर में छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आया है। यहां एक 16 वर्षीय 8वीं कक्षा की छात्रा से 9 महीने तक सामूहिक दुष्कर्म होता रहा। आरोपियों ने इस दौरान 50 हजार रुपये भी ठगे। बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है।

KEY HIGHLIGHTS
  • राजस्थान में दरिंदगी की एक और वारदात, रेप के बाद वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल
  • राजस्थान में लगातार रेप के मामले क्यों ? राजस्थान में अपराधी बेखौफ क्यों ?
  • बेटियों को बचाने की बजाय सत्ता बचाने में लगे रहे गहलोत- बीजेपी

Alwar Rape Case: राजस्थान (Rajasthan) में एक बार फिर बेटियों के साथ दरिंदगी की मामला सामने आया है। अलवर जिले के भिवाड़ी (Bhiwadi Rape case) के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र का है। जहां 16 साल की नाबालिग से गैंगरेप (Gangrape) का मुकदमा दर्ज हुआ है। 8वीं क्लास की स्टूडेंट (Student) से गैंगरेप कर उसका वीडियो बना लिया गया और इसके बाद आरोपी पीड़िता से बार-बार दुष्कर्म करते रहे। इतना ही नहीं आरोपियों ने छात्रा को ब्लैकमेल किया और उससे रुपए भी वसूले। लेकिन जब पीड़िता ने दोबारा रुपए देने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने पीड़िता का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर डाल दिया।

बीजेपी का हमला

छात्रा की आपबीती सुनने के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया है।गैंगरेप मामले में कुल 8 आरोपी हैं और पुलिस अभी तक एक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। राजस्थान में बेटियों के साथ दरिंदगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब बीजेपी इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया है, 'एक पीड़िता के दरिंदगी होती रही लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत दोषियों को सजा दिलाने के बजाए अपनी सत्ता को बचाने व्यस्त है और प्रियंका गांधी इस मामले में चुप्पी साधे है।

राजस्थान में लगातार बढ़ रहे हैं केस

पुलिस ने कहा कि लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, राजस्थान में 2021 में 6,337 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए, जो देश में सबसे अधिक हैं, इसके बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का स्थान आता है। राजस्थान पुलिस का कहना है कि राज्य के लिए आंकड़े अधिक थे क्योंकि यह अपराध को बढ़ावा नहीं देता और मामलों के स्वतंत्र और निष्पक्ष पंजीकरण की नीति को सख्ती से लागू करता है।
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