क्राइम

रौंगटे खड़े कर देगा VIDEO, मध्य प्रदेश में दबंगों ने दो महिलाओं को जिंदा जमीन में गाड़ा

MP Crime News: घटना मध्य प्रदेश के रीवा जिले की है। बताया जा रहा है कि दो महिलाएं सड़क निर्माण का विरोध कर रही थीं, जिसके बाद दबंगों ने उन पर मुरुम डालकर उन्हें जिंदा दफनाने का प्रयास किया। पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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women buried alive in Rewa

Photo : Twitter

MP Crime News: मध्य प्रदेश से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। यहां दो महिलाओं को दबंगों ने जिंदा ही जमीन में गाड़ दिया। महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं, दया की भीख मांगती रहीं, लेकिन दबंगों ने उनकी एक न सुनी। दोनों महिलाओं पर मुरुम डालकर उन्हें कमर तक जमीन में दफनाने का प्रयास किया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना रीवा जिले की है। मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो मंगावा थाना क्षेत्र के हिनोता जोरोट गांव की है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि दो महिलाओं को दबंगों ने जमीन में गाड़ दिया है। एक महिला कमर तक जमीन में है तो दूसरी महिला का बस सिर बाहर है। दोनों महिलाएं चीख रही हैं, चिल्ला-चिल्लाकर रहम की भीख मांग रही हैं।

सड़क निर्माण का कर रही थीं विरोध

घटना को लेकर एएसपी विवेक लाल ने बताया कि दोनों महिलाएं सड़क निर्माण का विरोध कर रही थीं, जिसके चलते दबंगों ने उन्हें जिंदा दफनाने का प्रयास किया। महिलाओं की पहचान ममता और आशा पांडे के रूप में की गई है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया और जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। वायरल हो रहे वीडियो को भोपाल कांग्रेस नाम के एक्स पेज से पोस्ट किया गया है। इसमें कहा गया है कि भाजपा के 20 साल के कुशासन का नतीजा है कि हर जिले में गुंडे पनप रहे हैं। यह वायरल वीडियो मध्य प्रदेश के रीवा जिले के मंगावा गांव का है, जिसमें कुछ गुंडों द्वारा महिलाओं की हत्या का प्रयास किया जा रहा है।महिला सुरक्षा को लेकर मध्य प्रदेश वैसे भी जीरो है और यह घटना बेहद मार्मिक और शर्मनाक है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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