MP News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में चलती एंबुलेंस में 16 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया, पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि '108' आपातकालीन सेवा के तहत संचालित एंबुलेंस में यह वारदात 22 नवंबर को हुई और इस मामले के चार आरोपियों में से ड्राइवर सहित दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। उप महानिरीक्षक (रीवा रेंज) साकेत पांडे ने कहा कि लड़की अपनी बहन और बहनोई के साथ एंबुलेंस में यात्रा कर रही थी और इसमें से कोई भी मरीज नहीं था।
बहन और बहनोई की भी मिलीभगत
उन्होंने कहा कि तीनों के अलावा, ड्राइवर और उसका सहयोगी मरीज एंबुलेंस के अंदर थे। पांडे ने बताया कि नाबालिग अपनी बहन और बहनोई के साथ उस एंबुलेंस में रवाना हुए, जिसका ड्राइवर उन्हें जानता था। रास्ते में लड़की की बहन और उसका बहनोई पानी लाने के बहाने वाहन से उतर गए। अधिकारी ने बताया कि दंपत्ति का इंतजार करने के बजाय एंबुलेंस ड्राइवर ने गाड़ी तेजी से भगा ली। उन्होंने बताया कि बाद में ड्राइवर के साथ मौजूद उसके सहयोगी राजेश केवट ने सुनसान गांव में चलती एंबुलेंस में लड़की के साथ बलात्कार किया। डीआईजी ने बताया कि पूरी रात लड़की को बंधक बनाए रखने के बाद अगली सुबह दोनों आरोपियों ने उसे सड़क किनारे फेंक दिया।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, घर पहुंचने पर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। घरवालों ने दो दिनों तक पुलिस से संपर्क नहीं किया, क्योंकि उसे डर था कि इस घटना से समाज में परिवार की छवि खराब हो जाएगी। पांडे ने बताया कि पीड़ित लड़की और उसकी मां ने आखिरकार 25 नवंबर को पुलिस के पास पहुंची जिसके बाद उनकी शिकायत पर केवट सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि एंबुलेंस चालक वीरेंद्र चतुर्वेदी और कथित बलात्कारी केवट को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि लड़की की बहन और बहनोई को पकड़ने के लिए तलाश शुरू कर दी गई है, जिन पर अपराध में शामिल होने का आरोप लगा है। सभी आरोपियों पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है।
