क्राइम

कर्नाटक के हम्पी बेखौफ अपराधियों का आतंक, एक विदेशी महिला समेत दो के साथ किया गैंगरेप; ओडिशा के एक पर्यटक की मौत

Hampi: सानापुर झील के किनारे अज्ञात बदमाशों ने एक 27 वर्षीय महिला इजरायली पर्यटक और एक होमस्टे की 29 वर्षीय महिला संचालिका के साथ बलात्कार किया। ओडिशा का रहने वाला एक पुरुष पर्यटक, जिसे हमलावरों ने नहर में धकेल दिया था, वो मृत पाया गया है। इस वारदात से जुड़ी हर जानकारी नीचे रिपोर्ट में पढ़िए।

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हम्पी के नजदीक सनापुर झील की घटना: ओडिशा का लापता व्यक्ति मृत मिला

Karnataka Crime: कर्नाटक के प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट हम्पी से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां अज्ञात लोगों ने एक विदेशी महिला पर्यटक सहित 2 महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा उनके 3 पुरुष साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें पानी में फैंक दिया। इनमें से ओडिशा का रहने वाला एक व्यक्ति, जिसे हमलावरों ने नहर में धकेल दिया था, वो मृत पाया गया है।

बदमाशों ने दो महिलाओं के साथ गैंगरेप की वारदात को दिया अंजाम

पुलिस के मुताबिक गुरुवार रात 11 से साढ़े ग्यारह बजे के बीच ये घटना हुई, हम्पी के पास लोकप्रिय सानापुर झील के किनारे अज्ञात बदमाशों ने एक 27 वर्षीय महिला इजरायली पर्यटक और एक होमस्टे की 29 वर्षीय महिला संचालिका के साथ बलात्कार किया। ओडिशा का रहने वाला एक पुरुष पर्यटक, जो अपराध के समय उन दोनों के साथ था, वो मृत पाया गया है। अपराधियों ने उसे तुंगभद्रा नहर में धक्का दे दिया, जबकि अमेरिका और महाराष्ट्र के दो अन्य पुरुष पर्यटक घायल हो गए। जीवित बचे लोगों का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस की स्पेशल टीम इस घटना के आरोपियों की तलाश कर रही है, ये झील विदेशी पर्यटकों के बीच एक बड़ा आकर्षण है। गंगावती ग्रामीण पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309 (6) (चोरी या जबरन वसूली), 311 (मौत या गंभीर चोट पहुंचाने के इरादे से डकैती), 64 (बलात्कार), 70 (1) (सामूहिक बलात्कार), 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कब, कहां और कैसे बदमाशों ने इस वारदात को दिया अंजाम?

एफआईआर के अनुसार, ये वारदात जब हुई, जब चार पर्यटक और जिस होमस्टे में वे ठहरे थे। उसकी महिला संचालक के साथ सानापुर झील के पास संगीत बजाकर लुत्फ ले रहे थे। उस समय तीन बाइक सवार लोग उनके पास आए और पूछा कि उन्हें पेट्रोल कहां से मिलेगा। जब होमस्टे संचालक ने उन्हें बताया कि आसपास कोई पेट्रोल पंप नहीं है तो तीनों ने उनसे कैश की मांग की।

जब पांचों ने कोई पैसा देने से इनकार कर दिया, तो कन्नडा और तेलुगु बोलने वाले इन बदमाशों ने उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट शुरू कर दी, जिसके बाद उन्होंने तीन पुरुष पर्यटकों को नहर में धक्का दे दिया। शिकायत दर्ज कराने वाली एक महिला पीड़िता का कहना है कि जब पुरुष पर्यटक नहर से बाहर आने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब तीन में से दो आरोपियों ने उसके और इजरायली महिला पर्यटक के साथ बलात्कार किया। शुक्रवार सुबह से ही श्वान दस्ता और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मिसिंग पर्यटक की तलाश कर रहे हैं, साथ ही पुलिस की स्पेशल टीम आरोपियों की धर पकड़ में लगी हैं।

पुलिस अधिकारी ने इस घटना के बारे में क्या कुछ बताया?

राम एल अरसड्डी, SP कोप्पल ने बताया कि 'हमें जो जानकारी मिली उसके मुताबिक 5 लोगों पर सानापुर के पास हमला हुआ है, इनमें तीन पुरुष और 2 महिलाएं हैं, जिनमें 2 विदेशी हैं एक अमेरिकी है और एक महिला इजराइल की रहने वाली है। महिला ने शिकायत में कहा कि उन सभी के साथ मारपीट करने के साथ साथ महिलाओं के साथ सेक्सुअल असाल्ट भी किया गया। आरोपियों की पहचान की जा रही है, स्पेशल टीम जांच कर रही है, घटना गुरुवार रात को करीब 11-साढ़े गयारह के बीच हुई है। महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की गई है और उनका मेडिकल करवाया गया है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद रेप की पुष्टि होगी, लेकिन महिला ऐसा दावा कर रही है, अभी सरकारी अस्पताल में इनको लाया गया है अगर वो लोग चाहते हैं तो उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाएगा। हम आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लेंगे।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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