क्राइम

सूरत में इस हालत में मिला युवती का शव, घायल अवस्था में मिला मित्र

गुजरात के सूरत जिले में 20 वर्षीय युवती के शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतका का मित्र घायल अवस्था में मिला है। पुलिस हत्या आत्महत्या का संदिग्ध मामला मान रही है।

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(फाइल फोटो)

सूरत: जिले में हत्या और आत्महत्या का एक संदिग्ध मामला सामने आया है, जिसमें 20 वर्षीय युवती के शव के पास उसका मित्र घायल अवस्था में मिला। एक अधिकारी ने कहा कि मंगरोल तालुका के वांकल गांव के निकट सड़क किनारे एक सुनसान इलाके में दोनों पड़े मिले। उन्होंने कहा कि घायल युवक का सूरत सिविल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि इस आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि युवती तेजस्वी चौधरी और उसके दोस्त सुरेश जोगी ने एक साथ आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) हितेश जॉयसर ने कहा कि दोनों हाई स्कूल में सहपाठी रहे थे और हो सकता है कि युवक ने किसी नुकीली वस्तु से गला काटकर युवती की हत्या करने के बाद आत्महत्या की कोशिश की हो।

खुदकुशी करने की कोशिश

उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि दोनों ने साथ खुदकुशी करने की कोशिश की हो, हालांकि इसकी संभावना कम है। एसपी ने कहा कि प्राथमिक जांच से पता चला है कि दोनों हाई स्कूल में सहपाठी रहे थे। तेजस्वी फिलहाल कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी जबकि जोगी कोई काम करता था। हम जानकारी को सत्यापित करने और घटना का सटीक कारण का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि युवक के गले में चोट है और वह बयान देने की स्थिति में नहीं है। जॉयसर ने कहा कि युवती जोगी से मिलने के लिए सुबह अपने घर से निकली थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनके बीच कोई रिश्ता था। उन्होंने कहा कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए मंगरोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है और जांच जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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