Ghaziabad Digital Arrest: गाजियाबाद में साइबर ठगों ने 84 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक और उनकी पत्नी को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर करीब 2.20 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। वैशाली की रामप्रस्थ ग्रींस सोसाइटी में रहने वाले राम प्रकाश हरिया को 22 मई को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दरियागंज का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि वर्ष 2023 के 538 करोड़ रुपये के केनरा बैंक गबन मामले में उनका नाम आया है। इसके बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट होने की बात कहकर लगातार निगरानी में रखा गया।
रोजाना 4 से 8 घंटे तक पूछताछ करते रहे
जालसाजों ने वीडियो कॉल पर फर्जी अदालत का माहौल बनाया और बुजुर्ग दंपती से रोजाना 4 से 8 घंटे तक पूछताछ करते रहे। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। ठगों के दबाव में पीड़ित ने 70 लाख रुपये उधार और लोन लेकर भी उन्हें भेज दिए। कुल मिलाकर साइबर अपराधियों ने 2.20 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों की तलाश की जा रही है।
पिछले एक साल में हुए संगीन मामले
यह कोई पहला मामला नहीं जब किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट का ढोंग रचकर उसे ठगा न गया हो। मई 2025 में वैशाली की 55 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका को 28 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 56 लाख रुपये ठगे गए। सितंबर 2025 में 73 वर्षीय रिटायर्ड रक्षा मंत्रालय अधिकारी से 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 34.9 लाख रुपये की ठगी की गई। वहीं सितंबर 2025 में गाजियाबाद के एक बुजुर्ग दंपती से मनी लान्ड्रिंग मामले में फंसाने को लेकर उनसे करीब 20 लाख रुपये उड़ाए गए। उसी साल फिर गाजियाबाद में डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों में पीड़ितों को लगभग 7.9 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
