Murder Mystery: गुजरात में पुलिस ने एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किया, जिसके बारे में हत्यारे के अलावा किसी को पता ही नहीं था। हत्या हुई, लेकिन कोई नहीं जानता था कि हत्या हुई और जानता कैसे, हत्या दामाद और घर की बेटी ने ही मिलकर की थी। हर हत्या के बाद उसे प्राकृतिक मौत बता दिया जाता। सिर्फ दो लोग इन हत्याओं को जानते थे और दोनों हत्यारे ही थे। लेकिन एक दिन दोनों में फूट पड़ गई, पत्नी, पति को छोड़कर चली गई। तब पति ने पत्नी के साथी अफजल को फंसाने की कोशिश की, इसी में ये राज सामने आया और फिर तीन हत्याओं का पता चला। आइए पढ़ते हैं पूरी मर्डर मिस्ट्री...!
कहां से शुरू हुई यह क्राइम थ्रिलर?
गुजरात के सूरत जिले से सामने आया यह मामला किसी क्राइम थ्रिलर की कहानी से कम नहीं है। एक व्यक्ति ने पुलिस के सामने पहुंचकर दावा किया कि उसकी पत्नी की दादी की कई साल पहले हत्या कर दी गई थी और शव को घर के अंदर कंक्रीट के नीचे दफना दिया गया। उसने इस हत्या के लिए अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार अफजल को जिम्मेदार बताया।
पुलिस ने जब मामले की तह तक जाने की कोशिश की तो कहानी का रुख ही बदल गया। जिस व्यक्ति ने पुलिस को हत्या की जानकारी दी थी, पूछताछ के दौरान उसी पर शक गहराता गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में माधवदास साधु ने दादी सास शांताबेन वसावा की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की। इसके बाद उसने अपनी मां और साली की मौत के बारे में भी चौंकाने वाले खुलासे किए।
पहले पुलिस को सुनाई हत्या की दूसरी कहानी
पुलिस के मुताबिक, माधवदास ने शुरुआत में बताया था कि कोसंबा निवासी उसकी पत्नी उर्मिला की दादी शांताबेन वसावा की करीब चार-पांच साल पहले हत्या कर दी गई थी। उसने दावा किया कि उर्मिला और उसके रिश्तेदार अफजल ने मिलकर शांताबेन को मारा और शव को एक मकान के अंदर कंक्रीट के नीचे दफना दिया। इस सूचना के बाद अपराध शाखा ने अफजल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अफजल ने शांताबेन की हत्या की जानकारी होने से इनकार किया। इसके बाद पुलिस ने अफजल की मौजूदगी में माधवदास से पूछताछ की। यहीं से इस मामले की कहानी ने नया मोड़ लिया।
पूछताछ में खुलने लगा खूनी राज
पुलिस के अनुसार, माधवदास ने बताया कि उसने अफजल का नाम इसलिए लिया था क्योंकि उसे डर था कि करीब नौ महीने पहले अपने बेटे के साथ घर छोड़कर गई उसकी पत्नी और अफजल उसे किसी मामले में फंसा सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, उसकी पत्नी घर से कुछ कीमती सामान भी लेकर गई थी। इसके बाद पूछताछ में माधवदास ने कथित तौर पर अपनी पत्नी उर्मिला के साथ मिलकर शांताबेन की हत्या करने की बात बताई। पुलिस की विज्ञप्ति के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2022 की रात माधवदास और उर्मिला ने कथित तौर पर सोते समय तकिये से शांताबेन का गला दबाया। इसके बाद शव को एक ड्रम में रखा गया और उसमें पानी के साथ सीमेंट की तीन बोरियां डाल दी गईं। ड्रम को बंद कर घर के अंदर रख दिया गया।
साढ़े तीन महीने बाद शव को किया दफन
पुलिस के अनुसार, करीब साढ़े तीन महीने बाद दंपति ने ड्रम को काटकर खोला। इसके बाद शव और सीमेंट को मकान के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया गया। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि माधवदास ने अलग-अलग रिश्तेदारों को शांताबेन की मौत की अलग-अलग वजह और जगह बताई। पत्नी के रिश्तेदारों से उसने कथित तौर पर कहा कि शांताबेन की मौत वल्थारा में कोविड-19 से हुई थी, जबकि अपने रिश्तेदारों से कहा कि उनकी मौत कोसंबा में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे शांताबेन की संपत्ति पर कब्जा करने का मकसद था।
मां की मौत को भी बीमारी बताने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और कथित हत्या की कहानी सामने आई। पुलिस के अनुसार, माधवदास ने 2022 में अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपनी 65 वर्षीय मां मंजुलाबेन साधु की भी हत्या करने की बात कही। पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, मंजुलाबेन को 2021 में लकवा मार गया था और शरीर के कुछ हिस्सों में घाव होने के कारण वह बिस्तर पर थीं। आरोप है कि दंपति ने तकिये से उनका गला दबा दिया और बाद में रिश्तेदारों तथा ग्रामीणों को उनकी मौत का कारण लकवा बताया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार ढोलका के चकली तालाब श्मशान घाट में किया गया।
साली की मौत को भी बीमारी बताने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में माधवदास ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसकी बहन भारती उर्फ भगवती की हत्या करने की बात भी बताई। भारती की शादी कमलेश वसावा से हुई थी और वह कोसंबा में अपनी दादी शांताबेन के साथ रहती थी। पुलिस के अनुसार, बाद में भारती गंभीर क्षय रोग से पीड़ित हो गई थी। पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, 25 फरवरी 2022 की रात माधवदास और उर्मिला ने कथित तौर पर तकिये से भारती का गला दबा दिया। इसके बाद रिश्तेदारों को बताया गया कि उसकी मौत क्षय रोग के कारण हुई है। पुलिस के अनुसार, भारती के शव को कोसंबा में दफनाया गया और उसका अंतिम संस्कार किया गया।
एक शिकायत से खुलती गई तीन मौतों की कहानी
इस पूरे मामले में सबसे अहम मोड़ यही है कि जिस व्यक्ति ने पुलिस को शांताबेन की हत्या की जानकारी दी, पूछताछ के दौरान वही इस मामले में आरोपी के तौर पर सामने आया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में कहानी में एक रिश्तेदार को हत्यारा बताया गया था, लेकिन पूछताछ आगे बढ़ने के साथ दादी सास की हत्या से लेकर मां और साली की मौत तक के आरोप सामने आए।
