दिल्ली में मेसी गैंग, जनाब चौंकिए नहीं बल्कि पाकेटमारों का गिरोह है। दिल्ली पुलिस ने इस गैंग से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चुराई हुई 56 मोबाइल और दूसरे सामानों की भी बरामदगी हुई है। इस गैंग के लीडर का नाम मेसी है और वो फुटबॉलर है यह बात अलग है कि उसके निशाने पर गोलपोस्ट की जगह लोगों की जेब हुआ करती थी। मेसी के खिलाफ कई और मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या का भी केस है।पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दक्षिण और दक्षिण पूर्वी दिल्ली में 4-5 साल से चोरी कर रहे थे। वे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अपने शिकार को घेर कर अपना निशाना बनाते थे और उनका ध्यान इधर-उधर धकेल कर निशाना बनाते थे, उनके मोबाइल और अन्य कीमती सामान चुरा लेते थे और ऑटो रिक्शा में बैठकर मौके से फरार हो जाते थे।
मेसी से प्रभावित था गैंग लीडर
दिल्ली पुलिस का कहना है कि गैंग का लीडर अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेसी से प्रेरित था और फुटबॉल खेलता था। लेकिन खेल के मैदान में नाकाम रहने के बाद जरायम की दुनिया में दाखिल हो गया। इसका गिरोह ज्यादातर पिक-पॉकेटिंग में शामिल है और दक्षिण दिल्ली के सी आर पार्क, डिफेंस कॉलोनी, हौज खास इलाकों में दर्ज 55 मामलों को सुलझा लिया गया है।
साउथ, साउथ ईस्ट दिल्ली में थे सक्रिय
आरोपियों की पहचान बदरपुर निवासी अजय कुमार, हरियाणा के फरीदाबाद निवासी पम्मी उर्फ अजय, तिगरी क्षेत्र निवासी फिरोज खान और गिरोह के सरगना पिंकू मेसी उर्फ अन्नी मैसी निवासी जसोला के रूप में हुई है। पिंकू मेसी पहले हत्या समेत 10 मामलों और आर्म्स एक्ट के तहत शामिल पाया गया था।पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) चंदन चौधरी के मुताबिक 20 दिसंबर को सी आर पार्क पुलिस थाने के थाना प्रभारी सहित एक पुलिस दल इलाके में गश्त कर रहा था तभी उन्होंने एक संदिग्ध ऑटो रिक्शा देखा।
