Chandrakant Jha arrested-दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तीन महीने की लंबी मशक्कत के बाद कुख्यात सीरियल किलर चंद्रकांत झा को गिरफ्तार कर लिया। झा पर ₹50,000 का इनाम घोषित था और वह 2023 से पैरोल पर छूटने के बाद फरार था। डीसीपी क्राइम ब्रांच संजय सेन के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने चंद्रकांत के परिवार, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से संपर्क किया। मोबाइल नंबरों का डेटा खंगाला गया और पुरानी घटनाओं के स्थलों की पड़ताल की गई।
कौन है चंद्रकांत झा?
चंद्रकांत झा, जिसे दिल्ली के "सीरियल किलर" के रूप में जाना जाता है, ने 2006 और 2007 के दौरान राजधानी में खौफ का माहौल पैदा कर दिया था। वह अपने शिकारों को बड़ी निर्दयता से मारता था, उनके शरीर के टुकड़े करता और उन्हें तिहाड़ जेल के आसपास फेंक देता। उसने पुलिस को चुनौती देने के लिए शवों के पास लेटर पत्र भी छोड़ता था।
गिरफ्तारी का ऑपरेशन
टीम ने फल-सब्जी मंडियों, रिक्शा चालकों और छोटे ट्रांसपोर्ट कर्मियों से भी पूछताछ की क्योंकि चंद्रकांत पहले इन जगहों पर काम करता था। आखिरकार, पुलिस ने एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की जांच की और उससे मिले सुराग से 17 जनवरी को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।कुख्यात अपराधी का अतीत
बिहार के मधेपुरा जिले का रहने वाला चंद्रकांत झा 1990 में दिल्ली आया था। वह सब्जी बेचने से लेकर मजदूरी तक छोटे-मोटे काम करता था। उसकी शादी असफल रही और उसकी दूसरी पत्नी से पांच बेटियां हैं। वह 13 मामलों में गिरफ्तार हो चुका है, जिनमें सात हत्याएं,आर्म्स एक्ट और चोरी के मामले शामिल हैं।
दिल्ली को हिला देने वाले अपराध
1998 से 2007 के बीच चंद्रकांत ने कई हत्याएं कीं। उसने अपने पीड़ितों के शवों को तिहाड़ जेल के बाहर फेंककर पुलिस को चुनौती दी। उसके क्रूर अपराधों पर "नेटफ्लिक्स" ने एक डॉक्यूमेंट्री "इंडियन प्रीडेटर: द बचर ऑफ दिल्ली" भी बनाई।
आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ा
2023 में पैरोल पर रिहा होने के बाद चंद्रकांत फरार हो गया था। वह अपनी पहचान छुपाने के लिए बार-बार जगह बदल रहा था। लेकिन दिल्ली पुलिस की कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने परोल जंपर चंद्रकांत झा को गिरफ्तार किया है। चंद्रकांत झा पर तिहाड़ जेल के आसपास 18 हत्याएं करने का आरोप है। इसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था, और फिर 90 दिन की परोल मिली थी। परोल पूरा होने पर जब ये वापस नहीं लौटा तो पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच शुरू की थी। चंद्रकांत झा पर कुल 18 हत्याओं के आरोप है। उसे 2013 में आजीवन कारावास मिला था। 2023 में 90 दिन की परोल मिली थी लेकिन वह फरार हो गया।
1998 में शुरू किया खूनी खेल
चंद्रकांत झा ने पुलिस के सामने तीन खून करना स्वीकार किया था। उसके अनुसार साल 1998 से 2007 के बीच उसने तीन लोगों की हत्या की थी। हत्या करने के बाद उसने लाश को तिहाड़ जेल के गेट नंबर तीन के सामने फेंक दिया था। बताया गया कि पुलिस द्वारा बहुत धीमी गति से कार्रवाई करने का रवैया चंद्रकांत झा को पसंद नहीं था। इतना ही नहीं वह बार.बार पुलिस को चैलेंज करता था कि क्या पुलिस वालों को कोई सुराग नहीं मिला है। वह लाश के साथ एक चिट्ठी भी छोड़ देता था लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस सुराग ढूंढने में नाकाम रहती थी। जब वह बार.बार पुलिस को चैलेंज करता रहा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने का ठान लिया था।
ऐसे गिरफ्तार हुआ था खतरनाक सीरियल किलर
पुलिस ने खूनी चंद्रकांत झा को पकड़ने की काफी कोशिशें की लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को उस डॉक्टर की जानकारी मिली जहां वह अपना इलाज कराता था। वहीं पुलिस ने डॉक्टर से पूछताछ की तो उन्होंने पूरा सच उगल दिया। लेकिन चंद्रकांत झा को किसी तरह भनक लग गई थी और वह डॉक्टर के पास नहीं पहुंचाए जिस वजह से पुलिस उसे गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हुई। हालांकि इसके बाद पुलिस ने हत्यारे को उसके घर से ही दबोच लिया था। वहीं गिरफ्तार होने के बाद हत्यारे ने खौफनाक राज उगले थे।
