यूपी: कौशांबी में कानपुर के बिकरू जैसी वारदात, दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला, छीन ले गए पिस्टल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 13, 2020, 09:08 AM IST

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में पुलिस टीम पर तब हमला हुआ है जब पुलिस दबिश देने गई थी। इस हमले में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

यूपी: कौशांबी में कानपुर के बिकरू जैसी वारदात, दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला, छीन ले गए पिस्टल
Photo Credit: BCCL

कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में कानपुर के बिकरू गांव जैसी वारदात सामने आई हैं। यहां सैनी कोतवाली क्षेत्र के नरसिंहपुर स्थित कछुवा गांव में दबिश देने गई पुलिस की टीम पर हमला हुआ है। इस महले में एक सब इंस्पेक्टर सहित एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हमले के दौरान ग्रामीणों ने दारोगा की पिस्तौल भी छीन ली। मामला बुधवार रात करीब 8 बजे का है। सब इंस्पेक्टर केआर सिंह पुलिस टीम के साथ कछुआ गांव में चोरी के आरोपित राजू के घर दबिश देने गए थे।

दबिश देने गई थी पुलिस टीम
दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, इस दौरान जब तब पुलिस टीम आरोपी को पकड़कर ले जाने लगी तो गांव वालों ने इसका विरोध शुरू कर दिया और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। खबर के मुताबिक इस दौरान महिलाओं ने ईंद तथा पत्थर और लाठी-डंडों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से जान बचाकर भागने में कामयाब रहे। इस दौरान सब इंस्पेक्टर केआर सिंह की सर्विस पिस्तौल भी किसी ने गायब कर दी। घटना की सूचना मिलने के बाद कुछ नजदीकी थानों की पुलिस फोर्स गांव में पहुंची।

पहुंची अन्य थानों की टीम

दरअसल किसी मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी थी कि आरोपी राजू अपने घर में है जिसके बाद टीम वहां दबिश देने पहुंची। इस घटना के बाद पुलिस महकमें में भी हडकंप मच गया और मौके पर पहुंची अन्य थानों की पुलिसफोर्स ने कई जगहों पर दनादन छापेमारी की। पुलिस ने इस दौरान तीन महिलाओं समेत एक युवक को हिरासत में लिया है और सभी से पूछताछ की जा रही है। घायल हुए पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है।

बिकरू में हुई थी इसी तरह की वारदात
इस वारदात के बाद एक बार फिर कानपुर के बिकरू गांव की याद ताजा हो गई जहां पुलिस टीम पर बीते महीने इसी अंदाज में हमला किया गया था। यहां पुलिस नामी बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई थी लेकिन इस दौरान उसके गैंग ने पुलिस टीम पर जबरदस्त तरीके से हमला कर दिया जिसमें पुलिसवालों को बचने का तक मौका नहीं मिला। इस हमले में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। बाद में पुलिस ने एनकाउंटर के जरिए विकास के कई सहयोगियों को ढेर कर दिया था और खुद विकास दुबे भी उज्जैन से लाते समय एक एनकाउंटर के दौरान मार गिराया था।

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