Lal Bahadur Shastri Jayanti Speech In Hindi: देश की सेवा केवल बड़े पद से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत, ईमानदारी और त्याग से होती है...भारत के दूसरे प्रधानमंत्री और भारतरत्न से सम्मानित लाल बहादुर शास्त्री जी पर ये लाइन बिल्कुल सटीक (Lal Bahadur Shastri Jayanti Speech) बैठती है। उनका जीवन सादगी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल रहा है। शास्त्री जी के सादगी और ईमानदारी का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि, प्रधानमंत्री रह चुके लाल बहादुर शास्त्री पर एक कर्ज था, जो उनकी पत्नी ललिता देवी ने पेंशन के पैसों से चुकाया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद परिवार के कहने पर उन्होंने एक फीएट कार खरीदी, जो उस समय 12000 रुपये की थी। लेकिन उनके बैंक में मात्र 7000 रुपये थे, बाकी के 5000 रुपये उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से लोन लिया था। जिसे बाद में उनकी पत्नी ने पेंशन के पैसे से चुकाया था। भारत देश आज शास्त्री जी की 122वीं जयंती मना रहा है।
इस अवसर पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। साथ ही इस दिन के महत्व व इतिहास को बयां करने के लिए भाषण व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन होता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सरल व शानदार भाषण लेकर आए हैं।
Lal Bahadur Shastri Jayanti Speech In Hindi: कौन थे लाल बहादुर शास्त्र
लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी के करीब मुगलसराय में हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री को देश के दूसरे प्रधानमंत्री के तौर पर याद किया जाता है। लाल बहादुर शास्त्री का जन्म एक साधारण कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम शरद प्रसाद श्रीवास्तव था जो एक स्कूल में शिक्षक थे। उनकी माता का नाम रामदुलारी देवी थी। लाल बहादुर शास्त्री की शुरुआती पढ़ाई वाराणसी के भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से हुई। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापिठ से उच्च शिक्षा लिया। उन्हें काशी विद्यापीठ वाराणसी से शास्त्री की उपाधि हासिल हुई थी, जो बाद में उनका उपनाम बन गया।
आदरणीय प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, अतिथिगण और मेरे प्रिय साथियों आप सभी को लाल बहादुर शास्त्री जी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। इस खास मौके पर आपने मुझे अपने विचार व्यक्त करने का मौका दिया इसके लिए आप सभी का दिल से शुक्रिया। आज पूरा देश शास्त्री जी की 122वीं जन्म जयंती मना रहा है। 2 अक्टूबर 1904 को जन्मे भारतरत्न लाल बहादुर शास्त्री ने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। बचपन में उनके करीबी और प्रियजन उन्हें प्यार से 'नन्हे' कहकर बुलाते थे। लाल बहादुर शास्त्री ने साल 1930 में गांधी जी के नमक सत्याग्रह में भाग लिया और दो साल से अधिक समय तक जेल में रहे। इसके बाद भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़कर वो देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों की श्रेणी में शामिल हो गए। वो महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के बेहद करीब रहे।
Lal Bahadur Shastri Jayanti Bhashan: देश के दूसरे प्रधानमंत्री
साल 1964 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद शास्त्री जी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया। हालांकि, इस बीच 13 दिन के कार्यकारी प्रधानमंत्री के तौर पर गुलजारी लाल नंदा ने सत्ता संभाली थी। शास्त्री जी 1 साल 216 देश के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्होंन 1965 की जंग में पाकिस्तान को घुटने टेकवा दिए थे।
प्रधानमंत्री के रूप में शास्त्री के कार्यकाल का एक प्रमुख कार्य 1966 में ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करना था। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया। 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद, उज़्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान शास्त्री की अप्रत्याशित मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु भारत और विश्व के लिए एक बड़ा झटका थी। शास्त्री जी की विरासत दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करती रहती है। वह अत्यंत सादगी, ईमानदारी और साहस के व्यक्ति थे।
