जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक हिंदू परिवार ने आरोप लगाया है कि स्कूल के एक शिक्षक ने उनकी बेटी की पिटाई कर दी, क्योंकि वो माथे पर तिलक लगाकर गई थी। शिक्षक की पहचान निसार अहमद के रूप में हुई है। उसे राजौरी जिले के उपायुक्त के आदेश के तहत निलंबित कर दिया गया है।
किसी बच्चे को चोट पहुंचाना अपराध की श्रेणी में आता है और भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 325, 352 और 506 के तहत किसी व्यक्ति को दंड का भागी बना सकता है। इसके अतिरिक्त, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2000 की धारा 23 में कहा गया है कि जो कोई भी बच्चे पर हमला करता है, उसे कारावास हो सकता है, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना या दोनों हो सकता है।
'इंडिया टुडे' की खबर के अनुसार, इस बीच, निसार अहमद को अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। पुलिस को घटना की जांच करने, आरोप सही हैं या नहीं, साथ ही बच्चे को क्यों पीटा गया, आदि का पता लगाने के लिए कहा गया है।
घटना के बारे में बात करते हुए राजौरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहम्मद असलम चौधरी ने कहा कि हमने इस घटना पर ध्यान दिया है। हमें शिकायत मिली थी कि एक नाबालिग लड़की की पिटाई की गई और एक शिक्षक ने उसके खिलाफ कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। हमने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है।

