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इंदौर में अधिकारी को बल्ले से पीटने के मामले में कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय बरी

तत्कालीन भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय और 10 अन्य लोगों के खिलाफ 26 जून 2019 को नगर निगम के भवन निरीक्षक बायस को क्रिकेट के बल्ले से पीटने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। जिसमें आकाश गिरफ्तार भी हुए थे।

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अकाश विजयवर्गीय बरी

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • इंदौर बल्ले से मारपीट मामले में बीजेपी नेता बरी
  • कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश बरी
  • अधिकारी को बैट से मारे का था आरोप

इंदौर नगर निगम के एक भवन निरीक्षक की वर्ष 2019 में क्रिकेट के बल्ले से कथित तौर पर पिटाई के मामले में अभियोजन पक्ष को सोमवार को तगड़ा झटका लगा, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय समेत 10 लोगों को विशेष न्यायालय ने आरोपों से बरी कर दिया। विधायकों और सांसदों से जुड़े मुकदमे सुनने वाली अदालत के पीठासीन अधिकारी (न्यायाधीश) देव कुमार ने विजयवर्गीय और नौ अन्य लोगों को आरोपों से मुक्त किया। आकाश विजयवर्गीय, राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं।

क्या बोला बचाव पक्ष

बचाव पक्ष के वकील उदयप्रताप सिंह कुशवाह ने संवाददाताओं से कहा- "अभियोजन पक्ष इस मामले में अदालत में आरोप साबित नहीं कर सका। इस कारण अदालत ने विजयवर्गीय और नौ अन्य लोगों को बरी कर दिया, जबकि मामले के एक अन्य आरोपी की हत्या हो चुकी है।"

पीड़ित अधिकारी की गवाही से पलटा खेल

उन्होंने कहा कि इस घटना के कथित वीडियो की प्रामाणिकता विशेष न्यायालय में साबित नहीं हो सकी और नगर निगम के शिकायतकर्ता अधिकारी धीरेंद्र सिंह बायस और अभियोजन के 20 अन्य गवाहों ने अभियोजन पक्ष की कहानी का अदालत में स्पष्ट रूप से समर्थन नहीं किया। बायस ने अदालत में जिरह के दौरान अपने बयान में कहा कि कथित घटना के दौरान उन्हें दाहिने पैर में घुटने के नीचे चोट आई थी। उन्होंने जिरह के दौरान इस बात को सही बताया कि जिस समय उन्हें यह चोट आई थी, वह तब मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे और उनका पूरा ध्यान इस उपकरण पर होने के कारण वह देख नहीं सके थे कि किस व्यक्ति के कारण उन्हें यह चोट लगी।

2019 की है घटना

अधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय और 10 अन्य लोगों के खिलाफ 26 जून 2019 को नगर निगम के भवन निरीक्षक बायस को क्रिकेट के बल्ले से पीटने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। यह प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 353 (लोक सेवक को भयभीत कर उसे उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिये उस पर हमला), 294 (गाली-गलौज), 323 (मारपीट), 506 (धमकाना), 147 (बलवा) और 148 (घातक हथियारों से लैस होकर बलवा) के तहत दर्ज की गई थी।

क्या था मामला

कथित घटना के वक्त आकाश विजयवर्गीय शहर के गंजी कम्पाउंड क्षेत्र के एक जर्जर मकान को ढहाने की मुहिम का विरोध कर रहे थे। राज्य में कमलनाथ की अगुवाई वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई इस घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया था और इसके बाद तत्कालीन भाजपा विधायक को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई थी।

भाषा की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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