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जम्मू-कश्मीर के DG (जेल) लोहिया की हत्या का आरोपी अरेस्ट, डायरी से खुल सकता है मर्डर का राज

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  • Updated Oct 4, 2022, 01:44 PM IST

DG Prison Hemant Lohia Murder case: पुलिस अधिकारी ने बताया कि डीजी जेल की हत्या में मुख्य संदेह घरेलू नौकर पर है जो कि फरार है। पुलिस ने हत्या में शामिल हथियार को मौके से बरामद किया है। सिंह ने कहा कि आरोपी की एक डायरी भी मिली है जो उसकी अवसाद वाली मानसिकता को दर्शाती है।

DG Prison Hemant Lohia Murder: जम्मू कश्मीर के डीजी (जेल) हेमंत कुमार लोहिया के संदिग्ध हत्यारे को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को यह कामयाबी पूरी रात चलाए गए अपने अभियान के बाद मिली। राज्य के एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि आरोपी 23 वर्षीय यासीर अहमद से पूछताछ की जा रही है। इससे पहले पुलिस अधिकारी ने बताया कि डीजी जेल की हत्या में मुख्य संदेह घरेलू नौकर पर है जो कि फरार है। पुलिस ने हत्या में शामिल हथियार को मौके से बरामद किया है। सिंह ने कहा कि आरोपी की एक डायरी भी मिली है जो उसकी अवसाद वाली मानसिकता को दर्शाती है।

हत्या मामले की गहराई से छानबीन होगी-पुलिस

सिंह ने कहा कि इस हत्या मामले में फिलहाल टेरर लिंक सामने नहीं आया है लेकिन इस मामले की पूरी गहराई से छानबीन की जाएगी। जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि लोहिया पिछले कुछ दिनों से अपने दोस्त के घर पर ठहरे हुए थे। उन्होंने बताया कि रात में भोजन करने के बाद वह अपने कमरे में थे। लोहिया की मदद करने के बहाने कमरे में घरेलू नौकर भी मौजूद था।

नुकीले हथियार से लोहिया पर ताबड़तोड़ वार

डीजीपी ने आगे बताया कि घरेलू नौकर ने कमरे के दरवाजे को भीतर से बंद कर लिया और एक नुकीले हथियार से लोहिया पर ताबड़तोड़ वार किए। उसने उनकी गला दबाने की भी कोशिश की। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपी स्वभाव से आक्रामक एवं अस्थिर है। उसकी तस्वीर मीडिया में जारी कर दी गई है और उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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