क्राइम

Meerut गवर्नमेंट हॉस्टल से 3 छात्राएं लापता, मामला संदिग्ध; ढूंढने में जुटीं UP पुलिस की 4 टीमें

मेरठ के सरकारी आवासीय विद्यालय की तीन छात्राएं लापता हो गईं। पुलिस की चार टीम गठित कर छात्राओं की तलाश शुरू की गई। एसएसपी ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को कुछ साक्ष्य मिले हैं और लड़कियों को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा।

Image

फाइल फोटो

मेरठ : सरूरपुर थाना क्षेत्र के एक सरकारी आवासीय विद्यालय की कक्षा सात में पढ़ने वाली तीन छात्राएं संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। पुलिस के मुताबिक, दोपहर से लापता इन छात्राओं का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी वी के सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा भी मौके पर पहुंचे। लापता लड़कियां कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सरूरपुर की छात्राएं हैं।

पुलिस के हाथ लगे कुछ साक्ष्य

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा ने शुक्रवार को कहा कि कल देर रात पुलिस को सूचना मिली कि हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के एक स्कूल से तीन छात्राएं लापता हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की चार टीम गठित कर छात्राओं की तलाश शुरू की गई। एसएसपी ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को कुछ साक्ष्य मिले हैं और लड़कियों को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी वी के सिंह ने बताया कि छात्राओं के लापता होने के पूरे मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि घटना में प्रथम दृष्टया वार्डन स्तर पर लापरवाही सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को इस स्कूल में 100 छात्रों में से कुल 43 बच्चे मौजूद थे। सिंह ने बताया कि लापता हुईं तीनों छात्राएं एक ही छात्रावास में रहती थीं और आपस में दोस्त थीं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article