ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कनेक्टिविटी प्लान को रफ्तार देते हुए Yamuna Expressway और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (KGP) को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित इंटरचेंज आगामी जुलाई में शुरू होने जा रहा है। जगनपुर और अफजलपुर के पास बन रहे इस प्रोजेक्ट का करीब 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
8 लूप का शानदार इंटरचेंज
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से 10 किलोमीटर की दूरी पर इस इंटरचेंज का निर्माण कर रहा है। कुल 11 किलोमीटर लंबे इस इंटरचेंज में आठ लूप बनाए गए हैं। इनमें से चार लूप वाहनों के उतरने और चार लूप चढ़ने के लिए इस्तेमाल होंगे। वर्तमान स्थिति यह है कि लूप दोनों एक्सप्रेसवे से जुड़ चुके हैं और अब उन पर काली लेयर (डामर) बिछाने का अंतिम चरण शुरू होने वाला है।
इन जिलों के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस इंटरचेंज के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के कई शहरों के बीच की दूरी और समय कम हो जाएगा। मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ से आगरा की ओर जाने वाले वाहनों को अब ग्रेटर नोएडा के परी चौक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे दुहाई या डासना से केजीपी पर चढ़कर सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे। मथुरा से आगरा की ओर से आने वाले वाहनों को केजीपी पर चढ़ने के लिए अब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। वे सीधे इंटरचेंज के जरिए अपने गंतव्य की ओर मुड़ सकेंगे। जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए यह इंटरचेंज सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
परियोजना की लागत और निर्माण का इतिहास
कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद इस प्रोजेक्ट पर जुलाई 2025 में काम शुरू हुआ था। इसके निर्माण की जिम्मेदारी एनसीआर ईपी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दी गई है, जिस पर लगभग 222.03 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यीडा (YEIDA) के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, NHAI ने जून तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद जुलाई में इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट लंबे समय तक अधर में लटका रहा था। 2023 में जब इसका काम शुरू हुआ था, तब बजट विवाद के कारण निर्माण रुक गया था। अब मिट्टी भराव और स्ट्रक्चर का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिससे जुलाई में इसके संचालन की राह साफ हो गई है।
