महोबा दौरे के दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोके जाने की घटना अब भाजपा के लिए अनुशासन का मुद्दा बन गई है। चरखारी से पार्टी विधायक बृजभूषण राजपूत को प्रदेश नेतृत्व की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विधायक से हालिया आचरण, बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर जवाब तलब किया है।पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संगठनात्मक कार्रवाई से भी इनकार नहीं किया गया है।
सीधे प्रदेश स्तर पर निपटाया जा रहा मामला
मंत्री और विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच सड़क पर हुए टकराव के बाद मामला तेजी से सियासी गलियारों में गूंजने लगा है।लगातार सार्वजनिक बयान और पार्टी लाइन से अलग दिखती टिप्पणियों ने नेतृत्व को सख्त रुख अपनाने के लिए मजबूर कर दिया। इस घटना के बाद से चर्चा थी कि संगठन जल्द इस मामले में कदम उठाएगा और अब भाजपा संगठन ने औपचारिक रूप से कार्रवाई की है।
परिवार की कोशिशें, लेकिन फैसला अडिग
विधायक बृजभूषण राजपूत को कार्रवाई से बचाने की कोशिशें भी सामने आईं। उनके पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने सोशल मीडिया के जरिए कई पोस्ट किए। एक पोस्ट में उन्होंने अपने बेटे के लिए “सद्बुद्धि” की कामना करते हुए यह भी लिखा कि कोई भी व्यक्ति खुद को पार्टी से ऊपर न समझे। हालांकि, यह पोस्ट कुछ ही देर बाद हटा दी गई। इसके बाद उन्होंने एक अन्य पोस्ट में विधायक को निर्दोष बताते हुए तर्क दिया कि पहले भी कई मुद्दों पर नेताओं ने राय रखी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बावजूद इसके, पार्टी नेतृत्व ने शुक्रवार को नोटिस भेज दिया।
क्या सपा की साइकिल पर सवार होंगे भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत
लगातार टकराव और बगावती तेवरों के चलते विधायक बृजभूषण राजपूत के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। चर्चा है कि वे समाजवादी पार्टी का रुख कर सकते हैं। चरखारी क्षेत्र लोधी बाहुल्य माना जाता है और हालिया लोकसभा चुनाव में हमीरपुर-महोबा सीट से सपा के अजेंद्र सिंह लोधी के सांसद बनने के बाद इन कयासों को और बल मिला है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या थी विवाद की शुरुआत
बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत 30 जनवरी को तब हुई जब जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह महोबा के दौरे पर थे। यहां करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ विधायक बृजभूषण राजपूत ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए 30 कारें और 20 बाइकों से जलशक्ति मंत्री का काफिला रोक दिया। इस दौरान विधायक ने अपनी विधानसभा के गांवों में पानी की आपूर्ति और पाइपलाइन कार्यों के बाद सड़कों की मरम्मत न होने को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद दिए गए बयानों ने मामले को राजनीतिक तूल दे दिया, जिसे अब भाजपा नेतृत्व ने अनुशासन से जोड़कर देखा है।
