Pune News: महाराष्ट्र के पुणे में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने 18 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक निषेधाज्ञा (जमाबंदी आदेश) लागू कर दी है। पुलिस ने जिन तारीखों के बीच यह निषेधा लागू की है, उसी दौरान पुणे में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम होना है। जिसके बाद से यह सवाल उठने लगा है कि क्या राहुल गांधी के कार्यक्रम के कारण पुलिस ने यह आदेश लागू किया है? हालांकि पुलिस ने इसे एक रूटीन एक्शन बता रही है।
पांच से अधिक लोग नहीं हो सकते एकत्र
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(3) के तहत जारी इस आदेश के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, सभाएं करने, रैलियां निकालने और विरोध-प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 22 अगस्त को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुणे में 'छात्रों की गूंज' नामक संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें छात्राओं के मुद्दों पर विशेष चर्चा होनी है।
पुलिस ने क्या कहा?
हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह एक सामान्य और नियमित सुरक्षात्मक प्रक्रिया है। इसका राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है और न ही इसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलनों के समय पुणे में इसी तरह के एहतियाती आदेश लागू किए जा चुके हैं।
कई शहरों में जा चुके हैं राहुल गांधी
इस बार पुणे संस्करण में मुख्य रूप से छात्राओं से जुड़े मुद्दों, सुरक्षा, समानता और शिक्षा के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जाना है। इससे पूर्व राहुल गांधी कोटा, देहरादून और प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत छात्रों से संवाद कर चुके हैं।
