शहर

'कजिन से नहीं होगा निकाह'? निकाह के आवेदनों में बेतहाशा उछाल; भोपाल में UCC कानून को लेकर फैला भ्रम

मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर फैली अफवाहों के कारण भोपाल में निकाह के आवेदन अचानक कई गुना बढ़ गए हैं। लोग कजिन मैरिज पर प्रतिबंध की आशंका से जल्दबाजी कर रहे हैं।

Image

(सांकेतिक फोटो-Istock)

भोपाल : मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर फैली अफवाहों का असर अब मुस्लिम समाज में दिखाई देने लगा है। भोपाल में निकाह के आवेदनों की संख्या अचानक कई गुना बढ़ गई है। नायब काज़ी के मुताबिक, आम दिनों में जहां रोजाना करीब 20 से 30 निकाह के आवेदन आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 200 से 300 तक पहुंच गई है। वजह बताई जा रही है UCC को लेकर सोशल मीडिया और अखबारों में चल रही अधूरी और भ्रामक जानकारी।

भोपाल में UCC को लेकर मुस्लिम समाज के बीच एक अफवाह तेजी से फैल रही है कि कानून लागू होने के बाद रिश्तेदारों, खासकर कजिन के बीच निकाह नहीं हो सकेगा। इसी आशंका के चलते कई परिवार अपने बच्चों के निकाह जल्द से जल्द कराने के लिए काज़ियात पहुंच रहे हैं।

काजी के पास बढ़ी भीड़

नायब काज़ी, शहर भोपाल मुफ्ती अली क़ादर हुसैनी का कहना है कि निकाह के रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी हुई है और इसके पीछे अखबारों और सोशल मीडिया पर लगातार चल रही चर्चाओं का बड़ा असर है। उनके मुताबिक, पहले पूरे प्रदेश में अनुमानित तौर पर करीब 5 हजार निकाह होते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 35 हजार तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। हालांकि, वे खुद मुस्लिम समाज के लोगों से अपील कर रहे हैं कि UCC को लेकर फैली यह बात अफवाह है और बिना पूरी जानकारी के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।

काज़ियात पहुंच रहे लोगों से बातचीत में भी यही सामने आया कि UCC को लेकर रिश्तेदारों के बीच निकाह पर रोक लगने की बात तेजी से फैली है। कुछ लोगों ने बताया कि वे अपने परिचितों और रिश्तेदारों के 8 से 10 निकाह में खुद शामिल हो चुके हैं, लेकिन अब परिवारों में इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि आगे ऐसी शादियां हो पाएंगी या नहीं।

हालांकि, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की ओर से इन आशंकाओं को गलत बताया गया है। बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल का कहना है कि UCC के प्रावधानों को पूरा पढ़े बिना सोशल मीडिया और दूसरी जगहों पर अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाया जा रहा है।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के मुताबिक, UCC की धारा 4(4) को लेकर लोगों के बीच गलतफहमी है। उनका कहना है कि प्रावधान में निषिद्ध रिश्तों के भीतर विवाह की बात के साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी धर्म की रूढ़ि, प्रथा या परंपरा यदि ऐसे विवाह की अनुमति देती है, तो उस प्रथा के तहत विवाह की अनुमति बनी रह सकती है। केवल UCC लागू होने की खबर के आधार पर यह मान लेना कि मुस्लिम समाज में कजिन के बीच होने वाले निकाह पर रोक लग जाएगी, सही नहीं है।

यानी UCC को लेकर फैली आशंकाओं ने भोपाल में निकाह के आवेदनों की संख्या जरूर बढ़ा दी है, लेकिन काज़ी और वक्फ बोर्ड दोनों ही लोगों से अपील कर रहे हैं कि अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय कानून के वास्तविक प्रावधानों को समझें और सही जानकारी के आधार पर ही फैसला लें।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

और पढ़ें
End of Article