वृंदावन के प्रसिद्ध और लाखों श्रद्धालुओं के आस्था के केंद्र प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा और उनके आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक शिकायती पत्र भेजकर प्रेमानंद महाराज की जान को गंभीर खतरा बताया है और उन्हें तत्काल Z+ सुरक्षा देने की मांग की है। पत्र में दावा किया गया है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम में संतों के दो गुट बन चुके हैं और भूमाफिया किस्म के कुछ साधुओं के आपराधिक कृत्यों से आहत होकर महाराज जी केलीकुंज छोड़कर यमुना पार बेलवन आश्रम चले गए हैं।
"केलीकुंज में छुपे हैं भूमाफिया और आपराधिक तत्व"
फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वृंदावन स्थित केलीकुंज आश्रम में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग संत के भेष में छुपे हुए हैं। पत्र में लिखा है कि केलीकुंज वाले गुट में प्रॉपर्टी का धंधा करने वाले तथाकथित संतों से दुखी होकर प्रेमानंद बाबा अपने सभी तपस्वी और साधना में लीन रहने वाले संतों के साथ यमुना किनारे काफी दूर स्थित बेलवन आश्रम चले गए हैं। कुछ भूमाफिया संतों ने महाराज जी की आड़ में 14 से अधिक आश्रम बना लिए हैं और यमुना खादर की जमीनों की प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहे हैं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि दूसरे गुट के इन असामाजिक व भूमाफिया संतों की गतिविधियों के कारण प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा पैदा हो गया है और वे महाराज की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं
लगाए गंभीर आरोप
पत्र में आश्रम से नाबालिग बालक-बालिकाओं के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने का भी अंदेशा जताया गया है। फलाहारी महाराज का कहना है कि कई बार आध्यात्मिक रस में डूबकर नाबालिग बच्चे बिना अपने परिजनों को बताए आश्रम में रह जाते हैं और उनके परिवार समय-समय पर अपने बच्चों की खोजबीन करते नजर आते हैं। पत्र में आशंका व्यक्त की गई है कि आश्रम की आड़ में बच्चों को बंधक बनाया जा रहा हो सकता है या फिर किडनी चोर माफिया ऐसे बच्चों को गायब कर सकते हैं। उन्होंने संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी नाबालिग को माता-पिता की सहमति के बिना किसी संस्थान में नहीं रखा जा सकता।
फलाहारी महाराज की प्रमुख मांगें
फलाहारी महाराज ने मांग की है कि देश हित में प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें तत्काल Z+ सुरक्षा दी जाए। केलीकुंज आश्रम के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को सुरक्षित रखा जाए ताकि हकीकत सामने आ सके। यह भी मांग की गई है कि आश्रम में तैनात सभी सेवादारों और साधुओं का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए। बाल संरक्षण आयोग और पुलिस विभाग से आश्रम परिसर की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि गुमशुदा बच्चों की स्थिति स्पष्ट हो सके और संपत्ति बनाने वाले संतों की आय के स्रोतों की जांच हो सके।
