नई दिल्ली: देश के लगभग सभी हिस्सों में मॉनसून आ चुका है। बारिश और मॉनसून की भविष्यवाणी यूं तो भारतीय मौसम विभाग हर साल करता है। लेकिन देश के कुछ जगहों पर लोग अलग-अलग तरीके से भी मॉनसून और बारिश की भविष्णवाणी करते है। ये परंपरा अजीब होती है और सालों से चली आ रही है। गुजरात के जामनगर में मॉनसून और बारिश की भविष्यवाणी के लिए एक अजीबोगरीब परंपरा चली आ रही है जिसके लिए रोटी का इस्तेमाल किया जाता है।
गुजरात के जामनगर के एक गांव में वर्षों से बरसात कैसी होगी यह पता लगाने के लिए एक अजीबोगरीब परंपरा निभाई जाती है। गुजरात में जामनगर के आमरा गांव में अनोखे तरीके से पता लगाया जाता है कि इस साल मॉनसून कैसा रहेगा। सालों से कुएं में रोटी डालकर किसान कितनी होगी बारिश इसकी भविष्यवाणी करते है।
रोटी को कुएं में गिराकर भविष्यवाणी
जामनगर के आमरा गांव में हर साल साल मानसून की शुरुआत में ज्वार की रोटी बनाकर ढोल बाजे के साथ गांव के कुएं में प्रवाहित की जाती है। रोटी जिस दिशा में और जिस प्रवाह के साथ कुएं में जाती है, उससे भविष्यवाणी की जाती है कि अमुक साल बरसात कैसी होगी। यह परंपरा वर्षो से यूं ही चली आ रही है और मान्यता के अनुसार इस तरह की गई भविष्यवाणी सच भी होती है।
रोटी की दिशा से लगता है अंदाजा
ऐसा माना जाता है कि पूर्व दिशा में अगर रोटी गिरती है और प्रवाहित होती है तो काफी अच्छी बारिश होती है और इस साल इस मान्यता को निभाते हुए रोटी पूर्व दिशा में ही प्रवाहित हुई। इसका मतलब है कि काफी अच्छी बरसात होगी। इस परंपरा को देखने के लिए न सिर्फ आमरा गांव के लोग इस दौरान इकठ्ठा होते हैं बल्कि दूर दूर से लोग यह परम्परा देखने आते हैं।
