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कब से शुरू होगा विक्रमशिला ब्रिज? युद्धस्तर पर निर्माण कार्य जारी

बिहार के भागलपुर में प्रवाहित गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद मरम्मत कार्य तेजी से चला रहा है। दावा किया जा रहा है कि जून के पहले सप्ताह तक इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

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विक्रमशिला सेतु का मरम्मतीकरण तेज

भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। गंगा नदी पर बने इस अहम पुल का एक स्लैब कुछ दिन पहले पिलर संख्या 133 के पास टूटकर नदी में गिर गया था, जिसके बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पुल बंद होने से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल लोगों के लिए नाव ही गंगा पार करने का मुख्य सहारा बनी हुई है।

क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी बेली ब्रिज बनाने का फैसला

घटना के बाद बिहार सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इलाके का हवाई सर्वे किया, जिसके बाद पटना में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी बेली ब्रिज बनाने का फैसला लिया गया ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।

युद्धस्तर पर निर्माण कार्य शुरू

सरकार के निर्देश पर सीमा सड़क संगठन (BRO) ने युद्धस्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक बेली ब्रिज का करीब 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। BRO की विशेषज्ञ टीम लगातार दिन-रात काम कर रही है। बताया जा रहा है कि यह बेली ब्रिज करीब 49 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा होगा, जिससे छोटे वाहनों का आवागमन संभव हो सकेगा।

इधर, पुल निर्माण विभाग के सचिव ने भी विक्रमशिला सेतु पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन का दावा है कि जून के पहले सप्ताह तक बेली ब्रिज तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद छोटे वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी, जिससे भागलपुर, नवगछिया और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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