वाराणसी

Ayodhya: अब स्टेशन पर ही होंगे भगवान राम के दर्शन, अयोध्या धाम स्टेशन पर स्थापित हुई 40 फीट की आकृति

अयोध्या पहुंचने वाले यात्री अब अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर ही भगवान राम के दर्शन कर पाएंगे। स्टेशन पर भगवान राम की एक 40 फीट की प्रतिमारूपी आकृति स्थापित की गई है। जो यात्रियों को दिव्य और भावुक अनुभव दे रही है। इसके साथ ही बजरंगबली समेत कई धार्मिक प्रतीकों की भी आकृतियां स्थापित की गई हैं। 75 लाख की लागत से बनी ये आकृति अयोध्या में आस्था का नया केंद्र बनी है।

Ayodhya: देश के दूर दराज इलाकों से भगवान राम के भव्य मंदिर को देखने अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को अब राम मंदिर पहुंचने से पहले ही भगवान राम की एक अद्भुत आकृति के दर्शन हो सकेंगे। अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर भगवान राम की एक 40 फीट ऊंची भव्य आकृति स्थापित की गई है। रामनगरी अयोध्या में इसे भक्ति का एक नया अध्याय माना जा रहा है।

75 लाख की लागत हुई स्थापना

अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन अधिकतर श्रद्धालुओं का पहला ठिकाना होता है, जो देश-दुनिया के तमाम हिस्सों से रामलला के भव्य मंदिर के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचते हैं। अब अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पर पहुंच रहे यात्री भगवान राम का पहली छंटा स्टेशन पर ही देख सकेंगे। रेलवे स्टेशन के परिसर में ही भगवान राम की एक अद्भुत आकृति स्थापित कर दी गई है। इसको स्थापित कराने में करीब 75 लाख रुपये का खर्च आया है। भगवान राम के साथ स्टेशन पर हनुमानलला की भी एक आकृति स्थापित की गई है। इन आकृतियों के साथ स्वास्तिक, मोर, सूर्य, ओम, मछली, गिलहरी और गरुड़ आदि की भी आकृतियां स्थापित की गई हैं।

स्टेशन में घुसते ही होंगे दर्शन

भगवान राम की 40 फीट ऊंची आकृति भवन के अंदर पूर्वी ओर स्थापित की गई है तो वहीं हनुमानलला की आकृति पश्चिमी दिशा में लगे लिफ्ट के पिछले हिस्से की ओर स्थापित की गई है। स्टेशन परिसर के भीतर दोनों दिशाओं से भवन में दाखिल होते ही यात्री भगवान राम और बजरंगबली के दर्शन कर सकेंगे। दूसरे तल और गेट नंबर चार के सामने परिसर में मोर, स्वास्तिक, सूर्य, ओम, मछली जैसी रामायण संबंधी और सांस्कृतिक प्रतीकों की मूर्तियां भी लगाई जा चुकी हैं।

फाइबर ग्लास कंपोजिट मार्बल से बनी हैं आकृतियां

भगवान राम सहित सभी आकृतियों के निर्माण में फाइबर ग्लास कंपोजिट मार्बल इस्तेमाल किया गया है। ये मार्बल के प्राकृतिक रूप को बनाए रखते हुए एक मजबूत, टिकाऊ और हल्के वजन का पदार्थ होता है। जिसे फाइबरग्लास का इस्तेमाल करके बनाया जाता है। इसे कई तरह के निर्माण और सजावटी कामों में इस्तेमाल किया जाता है। इसके देखभाल और रखरखाव का काम भी आसान होता है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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