आजकल जिंदगी ऑनलाइन है। हम अपनी छोटी से छोटी जरूरत की चीजें भी ऑनलाइन मंगवाने लगे हैं। फिर चाहे वह झुमके और चप्पल हों या कपड़े, एसी, टीवी, फ्रिज और मोबाइल। पसंद न आने पर उन्हें वापस करके रिफंड भी ले लेते हैं। ज्यादातर मामलों में यह आसानी से हो जाता है। लेकिन कुछ लोग इसमें ऑनलाइन ठगी का शिकार भी हो जाते हैं। ऑनलाइन जालसाजों के चंगुल में फंसकर वह अपने हजारों-लाखों रुपये गंवा देते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के एक व्यक्ति के साथ, जिसे ऑनलाइन खरीदी गई चप्पल को वापस करने के चक्कर में 99 हजार रुपये की चंपत लग गई।
भदोही जिले के जिस शख्स के साथ यह ऑनाइन ठगी हुई, वह कोई आम व्यक्ति नहीं है, बल्कि पेशे से वकील हैं। भदोही जिले के वकील अरुण कुमार श्रीवास्तव ने ऑनलाइन चप्पल खरीदी, जो उन्हें मिल भी गई। लेकिन चप्पल उन्हें पसंद नहीं आई, इसलिए उन्होंने रिटर्न रिक्वेस्ट डाल दी। चप्पल रिटर्न करने के चक्कर में वह ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए और 99 हजार रुपये गंवा बैठे। इस संबंध में कल यानी मंगलवार 22 अप्रैल को एक मामला दर्ज किया गया है।
भदोही जिले में ज्ञानपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष द्विवेदी ने बताया कि इस थाना क्षेत्र के बालीपुर निवासी अधिवक्ता 55 वर्षीय अरुण कुमार श्रीवास्तव ने ‘Amazon’ से एक जोड़ी चप्पल 25 मार्च, 2025 को ऑनलाइन खरीदी और बाद में चप्पल पसंद नहीं आने पर उन्होंने इसे वापस कर दिया।
थाना प्रभारी का कहना है कि खरीदी गई चप्पल का भुगतान वापस लेने के लिए श्रीवास्तव ने गूगल सर्च के जरिये ढ़ूढ़े गए एक ‘कस्टमर केयर नंबर’ पर फोन कर भुगतान वापस मांगा। उसी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल पर एक व्यक्ति ने उनसे ओटीपी पूछा और अधिवक्ता ने ओटीपी बता दिया। द्विवेदी ने बताया कि बाद में अरुण कुमार श्रीवास्तव को जानकारी मिली कि इंडियन बैंक की ज्ञानपुर शाखा में उनके खाते से 99,000 रुपये निकल गए।
उन्होंने बताया कि अरुण कुमार श्रीवास्तव ने गूगल पर किसी फर्जी वेबसाइट को खोलकर उस पर दिए गए नंबर को Amazon का ‘कस्टमर केयर नंबर’ समझ लिया था और वह ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
Input - Bhasha
