वाराणसी: मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास कार्यों की फर्जी AI तस्वीरों से छिड़ा विवाद, 8 FIR दर्ज, सीएम योगी का कांग्रेस पर निशाना
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- Updated Jan 18, 2026, 12:06 PM IST
अधिकारियों ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं से संबंधित चित्र धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, जनता में गलत सूचना और आक्रोश फैलाने और सामाजिक सद्भाव को भंग करने के इरादे से प्रसारित किए गए थे। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में तमिलनाडु निवासी मनो ने चौक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
मणिकर्णिका घाट की फर्जी तस्वीरों पर एफआईआर दर्ज
Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य के संबंध में सोशल मीडिया पर कृत्रिम चित्र और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने शनिवार को बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत आठ व्यक्तियों और कुछ एक्स हैंडल के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य से संबंधित तथ्यों के विपरीत मनगढ़ंत चित्र और भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई थी।
एआई तस्वीरों से फैलाई झूठी खबरें
अधिकारियों ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं से संबंधित चित्र धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, जनता में गलत सूचना और आक्रोश फैलाने और सामाजिक सद्भाव को भंग करने के इरादे से प्रसारित किए गए थे। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में तमिलनाडु निवासी मनो ने चौक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी कंपनी 15 नवंबर, 2025 से श्मशान संबंधी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और मणिकर्णिका घाट को सुंदर बनाने का काम कर रही है। शिकायत के अनुसार, एक X हैंडल यूजर ने 16 जनवरी की रात को एआई से निर्मित भ्रामक तस्वीरें साझा कीं। पुलिस ने बताया कि इन पोस्टों में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे हिंदू धर्म के अनुयायी गुमराह हुए और समाज में आक्रोश पैदा हुआ।
पुलिस ने बताया कि इन पोस्टों पर बाद में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक टिप्पणियां और रीपोस्ट आए, जिससे तनाव और बढ़ गया। बंसल ने कहा कि न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया, बल्कि समाज में सरकार विरोधी मानसिकता पैदा करने की भी कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित X हैंडल उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ सामग्री को रीपोस्ट करने और उस पर टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बंसल ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है और उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाहें और गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
सीएम योगी ने बताया कांग्रेस का दुष्प्रचार
वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस द्वारा AI जनरेटेड वीडियो बनाकर मंदिर को तोड़ने का दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, जबकि हर व्यक्ति जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर हैं, वे वहां पर वैसे ही मौजूद हैं।
कांग्रेस को मिला मौका
उधर, कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक X हैंडल ने कथित तस्वीरों वाला एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कैप्शन था: “मणिकर्णिका घाट को नष्ट करना सिर्फ एक घाट को नष्ट करना नहीं है। यह भारत की पहचान, संस्कृति और विरासत को मिटाना है।” वीडियो में पार्टी ने सौंदर्यीकरण कार्य को सत्ता में शुद्ध अहंकार बताया और इसकी तुलना अमृतसर के जलियांवाला बाग सौंदर्यीकरण से करते हुए आरोप लगाया कि उस परियोजना के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के नाम मिटा दिए गए और लेजर लाइटें लगाई गईं, यह सब व्यावसायीकरण के नाम पर किया गया।
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