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आज से कर सकेंगे Valley of Flowers का दीदार, पर्यटकों के लिए खुला पहाड़ों पर बसा फूलों का संसार

उत्तराखंड के चमोली में स्थित फूलों की घाटी आज से पर्यटकों के लिए खुल गई है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं और विभिन्न प्रजाति के रंग-बिरंगे फूलों और दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियों का दीदार करते हैं।

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उत्तराखंड में फूलों की घाटी (फोटो साभार - ट्विटर)

Uttarakhand Valley of Flowers: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान शनिवार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। यह घांघरिया आधार शिविर से 48 पर्यटकों के पहले जत्थे को उप वन संरक्षक बीबी मर्तोलिया ने घाटी के लिए रवाना किया। फूलों की यह घाटी यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों की लिस्ट में शामिल है। यह घाटी 87 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है जहां हिमालय की दुर्लभ वनस्पतियां देखने को मिलती हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह नजारा जन्नत से कम नहीं है।

फूलों की घाटी के लिए निर्धारित शुल्क

बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच अपने सुरम्य स्थान और इसके बीच में बहने वाली पुष्पावती नदी के कारण यह स्थल दुनियाभर से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। मर्तोलिया ने बताया कि चूंकि यह एक संरक्षित क्षेत्र है, इसलिए पर्यटक घाटी में रात के समय नहीं रुक सकते हैं और उन्हें उसी दिन आधार शिविर लौटना होगा। फूलों की घाटी के लिए शुल्क भारतीयों के लिए 200 रुपये और विदेशी नागरिकों के लिए 800 रुपये है। फूलों की घाटी 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी।

500 से अधिक प्रजाति के फूल

फूलों की घाटी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और जैव विविधता की वजह से दुनियाभर में फेमस है। यहां पर दुर्लभ हिमालयी वनस्पतियों के अलावा फूलों की कुछ ऐसी अनोखी प्रजाति भी मिलती है, जो और आपको कहीं दिखाई नहीं देगी। यह घाटी हर 15 दिन में अपना रंग बदलती है। यहां 500 से अधिक वैरायटी के रंग-बिरंगे और खूबसूरत फूल खिलते हैं। पहाड़ों के बीच बसे फूलों के इस खूबसूरत संसार का दीदार करने के लिए हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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