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नकली पनीर-घी पर योगी सरकार की स्ट्राइक; यूपी में भी एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स बनाने और बेचने पर बैन

उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा और शुद्ध डेयरी उत्पाद सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी एनालॉग पनीर, घी, खोया और क्रीम जैसे मिलावटी डेयरी विकल्पों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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यूपी में बैन हुआ एनालॉग पनीर

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा और शुद्ध डेयरी उत्पाद सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी एनालॉग पनीर, घी, खोया और क्रीम जैसे मिलावटी डेयरी विकल्पों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्य सरकार के इस कड़े आदेश के बाद अब पूरे प्रदेश में एनालॉग डेयरी उत्पादों की खुली बिक्री या निर्माण नहीं किया जा सकेगा।

मिलावटखोरी पर नकेल कसने के लिए लिया गया फैसला

हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न शहरों से नकली और घटिया गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद बेचे जाने की कई शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों से दूध और दूध से बने पदार्थों के सैंपल लेकर जांच की। लैब टेस्ट की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पनीर, खोया और घी में दूध के प्राकृतिक फैट की जगह रिफाइंड तेल, वेजिटेबल फैट, पाम ऑयल और सोयाबीन या उसके बाय-प्रोडक्ट्स की भारी मिलावट की जा रही थी। इन्हीं चौंकाने वाले नतीजों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आम लोगों की सेहत से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए यह निर्णय लिया है।

किन-किन उत्पादों पर लागू होगा प्रतिबंध?

सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, एनालॉग उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री पर रोक रहेगी। जिनमें एनालॉग पनीर, एनालॉग घी, एनालॉग खोया, एनालॉग क्रीम और एनालॉग छेना शामिल हैं।

क्या होता है एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट?

एनालॉग डेयरी उत्पाद असली दूध से तैयार नहीं किए जाते, बल्कि ये दूध के विकल्प के रूप में बनाए जाते हैं। इनमें दूध के फैट और प्रोटीन को रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल, स्टार्च और अन्य रसायनों से बदला जाता है। दिखने और स्वाद में यह असली पनीर या खोया जैसे ही लगते हैं, लेकिन इनका लगातार सेवन सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।इस पाबंदी का मुख्य उद्देश्य बाजारों में बिक रहे नकली और मिलावटी उत्पादों को पूरी तरह खत्म करना है ताकि उपभोक्ताओं तक केवल असली दूध और उससे बने 100% शुद्ध डेयरी प्रोडक्ट्स ही पहुंच सकें। प्रशासन ने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बाजारों और विनिर्माण इकाइयों पर नजर रखें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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