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'जब तक राम मंदिर जाने की इजाजत नहीं मिलती, तब तक अयोध्या नहीं छोड़ेंगे', हाउस अरेस्ट के दावे के बीच अजय राय के बयान से गरमाई सियासत

अयोध्या पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है कि उन्हें राम मंदिर में दर्शन करने से पहले ही नजरबंद कर दिया गया। उनका कहना है कि जब तक उन्हें प्रभु श्रीराम के दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक वह अयोध्या से वापस नहीं जाएंगे। वहीं कुछ देर बाद प्रशासन ने उन्हें राम लला के दर्शन करने की इजाजत दे दी।

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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (फाइल फोटो)

Photo : Twitter

Ajay Rai: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें अयोध्या पहुंचते ही नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें राम मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक वह अयोध्या नहीं छोड़ेंगे। राय ने अयोध्या से मंगलवार को टेलीफोन पर पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, "मंगलवार के कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंचते ही पुलिस ने मुझे 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया।" उन्होंने कहा, "जब तक मुझे राम मंदिर जाने की अनुमति नहीं मिलती, मैं अयोध्या नहीं छोड़ूंगा।"

"यह कैसी सरकार है?"

राय ने एक गेस्ट हाउस से टेलीफोन पर बातचीत में कहा, "यह कैसी सरकार है, जो हमारे राम मंदिर जाने से डरती है?" राय ने दावा किया कि उन्हें मंगलवार के कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंचने के तुरंत बाद सोमवार देर रात उनके होटल से आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के अतिथि गृह ले जाया गया, जहां उन्हें नजरबंद कर रखा गया है। उन्होंने कहा, "आधी रात को मुझे होटल से आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में ले जाया गया और अभी भी मुझे वहीं रखा गया है।"

कई लोगों को हिरासत में लिया गया

अजय राय की पत्नी ने उनके ठिकाने को लेकर चिंता जताई थी। कांग्रेस नेता यह स्पष्ट नहीं कर सके कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है या सिर्फ नजरबंद किया गया है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मुझे गिरफ्तार कर लिया गया है। वरना आधी रात को मुझे इस अतिथि गृह में लाकर क्यों रखा जाता?" अजय राय ने आगे आरोप लगाया कि उनके दल के कई सदस्यों को, जो मंगलवार के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से अयोध्या आ रहे थे, रास्ते में रोका गया, हिरासत में लिया गया या उन्हें उनके घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया।

अजय राय की गिरफ्तारी पर अब भी सवाल?

पुलिस की ओर से हालांकि इस बात की तत्काल पुष्टि नहीं हुई कि अजय राय को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है या नहीं। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा, सीतापुर से सांसद राकेश राठौर, प्रयागराज से सांसद उज्ज्वल रमन सिंह, बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया सहित अन्य कांग्रेस नेता शामिल थे। इस बीच, अजय राय ने भारतीय युवक कांग्रेस की ओर से एक्स पर किए गए एक पोस्ट को शेयर किया, जिसमें कहा गया, "आज कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या जा रहा था, लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत प्रतिनिधिमंडल को नजरबंद कर लिया।"

"आखिर प्रभु राम के भक्तों से इतना डर क्यों?"

पोस्ट में सवाल किया गया, "आखिर प्रभु श्रीराम के भक्तों से इतना डर क्यों? जय श्रीराम।" अयोध्या से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम जन्मभूमि मंदिर की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें टेढ़ी बाजार इलाके में ही रोक दिया। कांग्रेस का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस की पूर्व राज्यसभा सदस्य आलिया जुबैरी और युवा जिला अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम 'रानू' को भी हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।

घर से बाहर जाने से लगातार रोका

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। यहां, अजय राय को रखे जाने का दावा किया गया है। उधर, प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह को भी उनके अशोक नगर स्थित आवास से बाहर निकलने से रोके जाने का दावा किया गया। रमन सिंह के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि सुबह से ही आवास के बाहर पुलिस बल तैनात था और सांसद को अयोध्या जाने के लिए बाहर नहीं निकलने दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने न तो यह बताया कि सांसद को नजरबंद किया गया है और न ही यह कि उन्हें हिरासत में लिया गया है, लेकिन उन्हें घर से बाहर जाने से लगातार रोका गया।

प्रशासन ने दी इजाजत

वहीं इस पूरे प्रकरण के बाद प्रशासन ने उन्हें राम लला के दर्शन करने की इजाजत दे दी, जिसके बाद वे मंंदिर के लिए रवाना हुए। गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन का मामला सामने आने के बाद अजय राय 18 जून को भी अयोध्या जाकर दर्शन-पूजन कर चुके हैं। दान में कथित गबन का मुद्दा सात जून को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए उठाया था और न्यायिक जांच की मांग की थी। बाद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आठ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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