Ujjain Simhastha 2028: उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार से शहर में ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन के लिए यूनिक आईडी प्रणाली लागू कर दी गई है। अब सभी ऑटो और ई-रिक्शा निर्धारित शिफ्ट के अनुसार ही चलेंगे। बिना यूनिक आईडी या तय शिफ्ट का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में यातायात को सुचारु, सुरक्षित और जाममुक्त बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। सिंहस्थ-2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए अभी से यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जा रहा है। यातायात पुलिस के अनुसार उज्जैन में वर्तमान में करीब 5 हजार ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। सभी वाहनों को यूनिक आईडी के आधार पर दो पालियों (Ujjain Shift Based Operation) में संचालित किया जाएगा, जिससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और आम लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'जो कल तक श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वही आज आस्था पर ज्ञान दे रहे हैं', सहारनपुर में विपक्ष पर गरजे सीएम योगी
यातायात पुलिस ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से की अपील
यातायात पुलिस ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर यातायात थाना पहुंचकर अपनी यूनिक आईडी प्राप्त करें। इसके लिए वाहन के सभी वैध दस्तावेज और आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही यूनिक आईडी जारी की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद बिना यूनिक आईडी के किसी भी ऑटो या ई-रिक्शा का संचालन नहीं किया जा सकेगा।
मोटरयान अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
वहीं, यदि कोई चालक अपनी तय शिफ्ट के अलावा वाहन चलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को परेशानी देना नहीं, बल्कि सिंहस्थ-2028 से पहले शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है। साथ ही सभी ऑटो-ई-रिक्शा चालक, परिवहन संघ और नागरिक इस नई व्यवस्था का पालन करें, ताकि उज्जैन को सुरक्षित, सुगम और जाममुक्त शहर बनाया जा सके।
