आगामी एक अप्रैल को बुधवार है और इस दिन एक जिले में सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है। बुधवार 1 अप्रैल को जिले के सभी सरकारी दफ्तर, शैक्षणिक संस्थान और कुछ सरकारी सहायता प्राप्त संगठनों के ऑफिस भी बंद रहेंगे। प्रशासन ने जिले के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
किस जिले में और क्यों दी गई छुट्टी
तमिलना़डु के तिरुनेलवेली जिले में 1 अप्रैल को सार्वजनिक छुट्टी दी गई है। यह छुट्टी खासतौर पर राज्य में मनाए जानने वाले पवित्र पर्व पंगुनी उथिरम के लिए दी गई है। जिले में यह पर्व खास उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व तमिल महीने पंगुनी में उथिरम नक्षत्र के दौरान आता है। इस दिन को भगवान मुरुगन और देवी अम्मन के दिव्य विवाह का प्रतीक माना जाता है। यह दिन श्रद्धालुओं के लिए बहुत ही शुभ और आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसीलिए प्रशासन ने इस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
तिरुनेलवेली जिले में इस पर्व को लेकर इन दिनों तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जिले के प्रमुख मंदिरों, खासकर 'नेल्लैयप्पर मंदिर', में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया जाएगा। हर साल की तरह इस साल भी हजारों श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने की उम्मीद है।
इमरजेंसी सर्विसेज रहेंगी चालू
इस दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 1 अप्रैल को स्थानीय अवकाश घोषित किया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं को बिना किसी दिक्कत के त्योहार में शामिल होने का अवसर देने के लिए लिया गया है। हालांकि, इस दौरान आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल, पुलिस और अन्य जरूरी सुविधाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि इस अवकाश की भरपाई एक निर्धारित कार्य दिवस पर की जाएगी, ताकि सरकारी कार्य प्रभावित न हों।
पंगुनी उथिरम के करीब आते ही पूरे जिले में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। लोग अभी से ही अपने परिवार के साथ मंदिरों में दर्शन की योजना बना रहे हैं और विशेष पूजा में भाग लेने की तैयारियां भी चल रही हैं। यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी बढ़ावा देता है। प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़-भाड़ से बचने के लिए पहले से योजना बनाएं और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
