Monsoon 2026: देश इस समय कुदरत के दो बिल्कुल अलग छोरों को एक साथ जी रहा है। उत्तर और मध्य भारत के लोग जहां दोपहर के समय आसमान से बरसती आग के कारण घरों में कैद होने को मजबूर हैं, वहीं दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से ठंडी और नमी से भरी मानसूनी हवाओं ने देश में प्रवेश कर लिया है। आईएमडी (IMD) ने शनिवार को आधिकारिक घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे निकोबार द्वीप समूह, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है। लेकिन, इस शुरुआती खुशी के पीछे 'अल नीनो' नाम का एक ऐसा विलेन छिपा है, जो आने वाले दिनों में देश के एक बड़े हिस्से को पानी के लिए तरसा सकता है।
मानसून की जल्दी एंट्री से जगी उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के कुछ और हिस्सों तथा पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी की तरफ तेजी से आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है। आमतौर पर केरल के तट पर मानसून 1 जून को टकराता है, जो देश में आधिकारिक चार महीनों (जून से सितंबर) के वर्षाकाल की शुरुआत होती है। लेकिन इस बार, मानसून अपनी सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह पहले यानी 26 मई 2026 की सुबह ही केरल पहुंच सकता है (इसमें ±4 दिनों का मॉडल मार्जिन हो सकता है)। यह लगातार तीसरा साल है जब मानसून समय से पहले आ रहा है। इससे पहले 2024 में यह 30 मई को और उससे पिछले साल 24 मई को ही केरल आ गया था। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में अभी से ही बादल, तेज हवाएं और प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
'सुपर अल नीनो' का साया: क्या इस बार पड़ेगा सूखा?
भले ही मानसून की शुरुआत धमाकेदार और वक्त से पहले हो रही हो, लेकिन IMD का दीर्घकालिक पूर्वानुमान (Long-range Forecast) डराने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस साल मानसून के दौरान कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) का केवल 92 प्रतिशत ही रहने की संभावना है। इसे 'सामान्य से कम' बारिश की श्रेणी में रखा जाता है।
क्या है 'अल नीनो' का गणित?
अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु चक्र है, जो तब सक्रिय होता है जब भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इस बार जुलाई तक इसके पूरी तरह सक्रिय होने की 82% संभावना है। जब यह तापमान 2 डिग्री से अधिक बढ़ जाता है, तो उसे 'सुपर अल नीनो' कहते हैं। अल नीनो के कारण हवाओं का पैटर्न बदल जाता है, जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। इसका सीधा असर अगस्त और सितंबर के महीनों में देखने को मिलेगा, जब बारिश में भारी कमी आ सकती है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल देश में सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका 35% है, जो सामान्य वर्षों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। इतिहास गवाह है कि 2015 और 2023 के भयंकर सूखे के पीछे भी यही अल नीनो जिम्मेदार था।
कहीं सूखा, कहीं बाढ़
प्रशांत महासागर की इस हलचल के कारण भारत के अलग-अलग राज्यों में मौसम का बिल्कुल अलग और खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है:
1. उत्तर और पश्चिम भारत: सूखे और भयंकर गर्मी का दोहरा संकट
पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्यों पर इस बार अल नीनो का सबसे क्रूर प्रहार हो सकता है। दिल्ली-NCR और इन राज्यों में मानसून के उत्तरार्ध (अगस्त-सितंबर) में गंभीर सूखे की स्थिति बन सकती है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई, ग्रामीण आय और बिजली की आपूर्ति पर भारी दबाव पड़ेगा।
2. दक्षिण भारत: तटीय इलाकों में तबाही वाली बाढ़ का अलर्ट
एक तरफ जहां उत्तर भारत पानी को तरस सकता है, वहीं दूसरी तरफ अल नीनो के अजीब प्रभाव के कारण तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अत्यधिक बारिश और विनाशकारी बाढ़ (Floods) का खतरा मंडरा रहा है।
3. पूर्वोत्तर भारत: भूस्खलन की आशंका
पूर्वोत्तर के राज्यों में इस सप्ताह मौसम काफी खराब रहने वाला है। भारी बारिश के चलते असम और आसपास के निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) जैसी आपदाएं आ सकती हैं।
22 मई तक 'महा-लू' का अलर्ट
मानसून भले ही समंदर के रास्ते आगे बढ़ रहा हो, लेकिन उत्तर और मध्य भारत को फिलहाल 22 मई तक भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। IMD ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में अगले एक सप्ताह तक तीव्र लू (Heatwave) चलने का अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने 19 मई को केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। तटीय कर्नाटक और केरल में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगहों पर यह गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा
इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। कर्नाटक के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का भी खतरा है। मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पश्चिम यूपी में भीषण लू
मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 मई तक भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। रात में भी गर्म हवाओं का असर रहेगा, जिससे राहत नहीं मिलेगी। कई इलाकों में ‘वार्म नाइट’ की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तराखंड में मौसम का बदलाव
20 मई से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। देहरादून, नैनीताल और चमोली समेत कई जिलों में बादल छा सकते हैं, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।
बिहार-झारखंड में दोहरा असर
बिहार में हीटवेव और आंधी-तूफान दोनों का खतरा रहेगा। 19 से 21 मई तक 50–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में अचानक मौसम बदल सकता है। झारखंड के रांची, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। त्रिपुरा और असम के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
IMD बदलेगा हीटवेव के नियम, 'IOD' से बंधी आखिरी उम्मीद
इस भीषण संकट के बीच मौसम विभाग के गलियारों से दो बड़ी खबरें और हैं। IMD अब भारत की बदलती भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों (जैसे अत्यधिक उमस) को देखते हुए देश में 'लू' घोषित करने के पुराने पैमानों में संशोधन करने जा रहा है। इस भयावह सूखे की आशंका के बीच एकमात्र उम्मीद की किरण इंडियन ओशन डिपोल (IOD) है। यदि मानसून के आखिरी महीनों में हिंद महासागर में यह सिस्टम मजबूत होता है, तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक काट सकता है और देश के कुछ हिस्सों में बारिश की वापसी करा सकता है। चूंकि भारत की आधी से अधिक आबादी और 60% किसान फसलों के लिए सीधे तौर पर मानसून पर निर्भर हैं, इसलिए वैज्ञानिकों ने सरकारों को अभी से जल प्रबंधन और सिंचाई के लिए आपातकालीन योजनाएं बनाने की सलाह दी है।
