शहर

मथुरा में दारोगा ने सरकारी पिस्टल से खुद को मारी गोली, क्यों की आत्महत्या? एसपी ट्रैफिक के थे पेशकार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एसपी ट्रैफिक के पेशकार दारोगा पंकज यादव ने सरकारी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उन्होने ये कदम क्यों उठाया अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है।

Image

(सांकेतिक फोटो-Istock)

मथुरा : गोकुल बैराज के पास गुरुवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब एसपी ट्रैफिक के पेशकार पद पर तैनात दारोगा ने सरकारी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। माथे में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान दारोगा पंकज यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह मूल रूप से एटा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और वर्तमान में मथुरा में एसपी ट्रैफिक के पेशकार के पद पर तैनात थे।

सरकारी पिस्टल से खुद को गोली मार ली

बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर करीब पौने चार बजे पंकज यादव गोकुल बैराज के पास मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी सरकारी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से संबंधित साक्ष्य जुटाने के साथ ही घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। दारोगा पंकज यादव ने यह कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article