Samastipur News: बिहार के समस्तीपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने चार साल पुराने हत्या के केस की पूरी कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव के जिस युवक रवि शंकर कुमार की साल 2022 में हत्या कर शव गायब करने का मामला दर्ज हुआ था, उसके Noida में जिंदा मिलने की खबर सामने आई है। रवि शंकर को ग्रामीणों ने पहचानने के बाद रोसड़ा थाने पहुंचाया, जहां उसे जिंदा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
मामला सामने आने के बाद अब पुलिस साल 2022 में दर्ज हत्या (Samastipur Murder Case) के केस से जुड़े तथ्यों का दोबारा वेरिफिकेशन कर रही है। वहीं, ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और जांच से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
2022 में दर्ज हुआ था हत्या का मामला
जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2022 में लालपुर निवासी मदन यादव ने अपने 20 साल के दिव्यांग और मूक-बधिर बेटे रवि शंकर कुमार की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए रोसड़ा थाने में आवेदन दिया था। आवेदन में सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और दिनेश पंडित पर रवि शंकर से जेसीबी, ट्रैक्टर और आम के बगीचे में काम कराने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के मुताबिक, ट्रैक्टर पलटने से रवि शंकर की मौत हो गई थी और इसके बाद शव को गायब कर दिया गया। ट्रैक्टर ड्राइवर छोटू महतो को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया था।
चार लोगों को भेजा गया जेल
इस मामले में पुलिस ने सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और छोटू महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, दिनेश पंडित ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था। यानी चार साल पहले दर्ज इस केस में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।
2 अक्टूबर को नोएडा में मिला रवि शंकर
मामले में नया मोड़ शुक्रवार 2 अक्टूबर 2026 को आया। बताया जा रहा है कि लालपुर गांव का आकाश कुमार नोएडा में मजदूरी करता है। दोपहर करीब तीन बजे सैलून जाने के दौरान उसने एक फल की दुकान के पास काम कर रहे युवक को देखा। आकाश ने उसकी पहचान रवि शंकर कुमार के रूप में की।
इसके बाद उसने अपने साथियों और पंचायत के मुखिया को इस बारे में सूचना दी। ग्रामीण युवक को अपने साथ लेकर रोसड़ा थाना पहुंचे। वहां पुलिस के सामने युवक के जिंदा होने की बात सामने आई तो थाने में भीड़ जुट गई।
अब 2022 के केस की जांच पर सवाल
रवि शंकर के जिंदा मिलने के बाद ग्रामीणों का प्रश्न है कि अगर नोएडा में मिला युवक वही रवि शंकर है, तो चार साल पहले हत्या का मामला किस आधार पर दर्ज हुआ? हत्या के आरोप में जेल भेजे गए लोगों की भूमिका क्या थी और जांच में क्या हुआ?
फिलहाल पुलिस युवक की पहचान और पुराने केस से जुड़े सभी तथ्यों का वेरिफिकेशन कर रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि नोएडा में मिला युवक वास्तव में रवि शंकर ही है या नहीं और साल 2022 में दर्ज हत्या के मामले की वास्तविक सच्चाई क्या थी।
