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दिल्ली में अवैध कॉल सेंटर के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन, 23 गिरफ्तार; कहां तक फैला है नेटवर्क

दिल्ली पुलिस ने तीन अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी करते हुए 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक डिवाइस और लैपटॉप इत्यादि बरामद किए गए हैं।

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हरी नगर और कीर्ति नगर में तीन कॉल सेंटरों पर छापेमारी

दिल्ली : पश्चिमी दिल्ली में अवैध कॉल सेंटर के खिलाफ पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन करते हुए तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। हरी नगर और कीर्ति नगर इलाके में चल रहे तीन कथित अवैध कॉल सेंटरों पर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इन कॉल सेंटरों से कथित तौर पर अमेरिका में रहने वाले विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी की जाती थी। कॉल सेंटर में बैठकर विदेशों में रहने वाले लोगों से संपर्क किया जाता और कथित तौर पर उन्हें अलग-अलग तरीकों से जाल में फंसाया जाता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, दो गाड़ियां और करीब 80 हजार की नकदी बरामद की है।

तीन ठिकाने से मिले दर्जनों सिस्टम से पता चल रहा है कि विदेशी नागरिक निशाने पर थे। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरा कथित ठगी नेटवर्क जांच के घेरे में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग हैं, इसका संचालन कहां से हो रहा था और विदेशों में कितने लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। हालांकि, ये नेटवर्क कहां तक फैला है, इसका खुलासा नहीं हो सका है।

माना जा रहा है कि दिल्ली में इस तरह के कई कॉल सेंटर संचालित हैं, जहां से अपराधिक गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इनके निशाने पर विदेश लोगों के साथ भारतीय भी रहते हैं। ये नेटवर्क व्यापक पैमाने पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करके उनसे पैसे ऐंठने समेत कई अन्य काम करते हैं। दिल्ली में ये गतिविधियां तेजी से हो रही हैं, जिसके शिकार आम लोगों के साथ बिजनेसमैन भी कभी कभार बनते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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