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Ranchi Parking Payment: हाईटेक हुआ रांची बस स्टैंड, अब बस के किराए से लेकर पार्किंग शुल्क तक होगा ऑनलाइन जमा, लगेगा फास्टैग

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 30, 2022, 05:45 PM IST

Ranchi News : राजधानी में अब नगर निगम डिजिटली बस स्टैंड एवं पार्किंग स्थलों से शुल्क वसूलेगा। इससे इन दोनों जगहों के ठेकेदारों की मनमानी पर लगाम लगेगी। नगर निगम ने निर्णय लिया है कि, बस स्टैंडों पर फास्टैग और पार्किंग स्थलों पर क्यूआर कोर्ड के जरिए शुल्क वसूला जाएगा।

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क्यूआर कोड के माध्यम से अब लिया जाएगा पार्किंग शुल्क

KEY HIGHLIGHTS
  • बस पड़ावों एवं पार्किंग स्थलों के ठेकेदारों की मनमानी रोकने के लिए निगम ने लिया यह फैसला
  • बस स्टैंड से हर दिन होनी चाहिए 50 हजार वसूली
  • फिलहाल बस स्टैंड से हर दिन 8 हजार की ही होती है वसूली

Ranchi Municipal Corporation: रांची में अब बस स्टैंडों और पार्किंग स्थलों पर ठेकेदारों की मनमानी रोकने के लिए नगर निगम ने नया कदम उठाया है। अब शहर के सभी बस स्टैंडों पर फास्टैग लगाया जाएगा। वहीं, पार्किंग स्थलों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसके माध्यम से शुल्क वसूला जाएगा। इसके माध्यम से नगर निगम द्वारा तय किया गया शुल्क ही आम लोग अदा करेंगे।

फिलहाल शहर में नगर निगम के दो बस स्टैंड हैं। इन दोनों बस स्टैंड से हर दिन 750 बसों का आवागमन होता है। नगर निगम इन दोनों स्टैंडों का संचालन ठेकेदारों के माध्यम से करवाता है, लेकिन हर दिन 50,000 की वसूली की जगह ठेकेदार द्वारा निगम को 5000-8000 रुपए ही दिए जाते हैं।

प्रभारी सिटी मैनेजर को दिया गया निर्देश

बस स्टैंडों पर अब फास्टैग लगाकर वाहनों से शुल्क वसूला जाएगा। अपर नगर आयुक्त कुंवर सिंह पाहन ने फास्टैग लगाए जाने के लिए बाजार शाखा के प्रभारी सिटी मैनेजर रोबिन को निर्देश दिया। अधिकारी को ऑनलाइन मोड में पार्किंग स्थलों से वसूली कराने का निर्देश जारी किया गया है। अब ठेकेदारों को पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए क्यूआर कोड रखना होगा, जिससे लोग पैसे का ऑनलाइन भुगतान कर सके। अगर, ठेकेदार किसी से अधिक शुल्क वसूलेगा तो पीड़ित शख्स प्रमाण के साथ नगर निगम में उसे पेश कर पाएगा।

नगद भुगतान का भी रहेगा विकल्प

अपर नगर आयुक्त कुंवर सिंह पाहन का कहना है कि, अगर किसी इंसान के पास स्मार्टफोन नहीं रहेगा या फिर वह डिजिटल पेमेंट करना नहीं जानता है तो वह नगद भुगतान भी कर सकेगा। वृद्धों और महिलाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

क्या है फास्टैग

राष्ट्रीय हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू किया है। इसे ही फास्टैग कहते हैं। यह सेवा देश में सबसे पहले 2014 में शुरू की गई थी। इसके तहत वाहन चालक टोल प्लाजा पर बिना रुके अपना टैक्स जामा करते हुए आगे बढ़ जाता है। यह वाहन चालक किसी रजिर्स्ड फास्टैग दुकानदार या सहभागिता बैंक से खरीद सकता है। अब इसी सुविधा को रांची के बस स्टैंडों पर शुरू की जा रही है। इसको लेकर नगर निगम ने अपने स्तर पर तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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