राँची

Jharkhand: जेल में बंद मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने दिया इस्तीफा

झारखंड सरकार में मंत्री रह चुके कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। आलमगीर आलम मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी इस संबंध में सूचित करने के लिए चिट्ठी लिखी है।

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद आलमगीर आलम

Photo : PTI

रांची : झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम (Alamgir Alam) ने राज्य मंत्रिमंडल से और कांग्रेस विधायक दल के नेता के पद से इस्तीफा दे दिया। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आलम धन शोधन (Money Laundering) संबंधी एक मामले के सिलसिले में जेल में हैं। पदाधिकारी ने कहा कि आलम ने रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (Birsa Munda Central jail) से मुख्यमंत्री चंपई सोरेन (CM Champai Soren) को लिखे एक पत्र में राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर अपना इस्तीफा दिया।

आलम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे अन्य पत्र में कहा, 'मैं झारखंड में कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से अपना इस्तीफा देता हूं। विधायक दल के नेता के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए मैं पार्टी नेतृत्व का हमेशा आभारी रहूंगा।'

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 मई को कांग्रेस नेता को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इससे कुछ दिन पहले ही उनके सहयोगी से जुड़े परिसरों से करीब 32 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई थी। राज्य में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछले सप्ताह आलम को चंपई सोरेन मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की थी।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने आलम के सभी चार विभागों.. संसदीय कार्य मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण कार्य मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय का प्रभार अपने हाथों में ले लिया था। पाकुड़ से विधायक आलम (70) को पिछले महीने केंद्रीय एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच राज्य के ग्रामीण विकास विभाग में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।

आलम अपने निजी सचिव और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजीव कुमार लाल (52) और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम (42) की गिरफ्तारी के बाद ईडी की जांच के दायरे में आए। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने उनसे जुड़े एक फ्लैट से 32 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की।

मंत्री ने पहले संवाददाताओं से कहा था कि वह 'कानून का पालन करने वाले' नागरिक हैं। उन्होंने लाल की गतिविधियों से खुद को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी ने अतीत में राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों के साथ भी काम किया है।

मनी लॉन्ड्रिंग की जांच राज्य ग्रामीण विकास विभाग में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। ईडी ने कहा था कि मामले में 'वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनेताओं' के नाम सामने आए हैं और इसकी जांच की जा रही है।

- भाषा

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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