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Karauli की ये हवेली, गर्मियों में भी रहती है कूल- कूल; जानें क्या है वजह और खासियत

राजस्थान के करौली में बहरदा गांव में जो आग उगलती गर्मी भी बिना किसी ऐसी और पंखा के एसी जैसी ठंडी रहती है। वहीं इसकी सुंदरता देखने लायक है। यहां एंट्री करते ही आपको सुकून का एहसास होता है।

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राजस्थान की हवेली

Karauli: आपने आज तक कई हवेलियों के बारे में सुना होगा। वहां घूमने भी गए होंगे। लेकिन, क्या आपने राजस्थान के एक ऐसी हवेली के बारे में सुना है, जो गर्मियों में एसी जितनी ठंडी रहती है। जी हां, राजस्थान के करौली में गांव की हवेली ऐसी है, जो गर्मी के मौसम में भी बिना किसी पंखा और कूलर ठंडी रहती है। आज के समय में शायद कहीं ऐसी जगह हो, जहां लोग बिना पंखा और कूलर के रहते होंगे। लेकिन, यहां ऐसा है। इस जगह पर आकर आपको ऐसा लगेगा, जैसे आप किसी सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनर वाले जगह पर आ गए हैं। आपको जानकर हैरानी हो रही होगी, मगर ये सच है। यह जगह भीषण गर्मी में भी एसी जितनी ठंडी रहती है, वो भी बिना किसी पंखा के एसी तो दूर की बात है। इस हवेली में आकर आपको सुकून का एहसास होगा।

राजस्थान बहरदा गांव की हवेली

आपको बता दें कि यह हवेली सैकड़ों साल पुरानी है। यह राजस्थान बहरदा गांव में है, जो बिल्कुल एसी की तरह ठंडी रहती है। अब आप सोच रहे होंगे यहां ऐसा क्या खास है, जो AC की तरह इस हवेली को ठंडा रखता है, तो आपको बता दें कि इसकी वजह है इस हवेली की बनावट। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह गर्मी में ठंडी रहती है।

150 साल पुरानी हवेली का इतिहास

यह हवेली करीब 150 साल पुरानी है। धनकुबेरों के गांव बहरदा में स्थित यह प्राचीन हवेली अपनी अनोखी बनावट के कारण पूरी तरह से गर्मियों में भी ठंडी रहती है। आपको बता दें कि इस हवेली को गांव वाले बौहारों की हवेली के नाम से जानते हैं।

ऐसी तरह हुआ था निर्माण

आग उगलती गर्मी से परेशान लोग जैसे ही इस हवेली में एंट्री करते हैं, उन्हें एसी जैसी ठंडक महसूस होती है और वह सुकून महसूस करता है। बताया जाता है कि इस हवेली का निर्माण बढ़ई जनजाति के कारीगरों ने किया था। जब हवेली का निर्माण हुआ था, उस समय हवेली की दीवार डबल बनाई गई थी और डबल दीवारों के अंदर मिट्टी और कंक्रीट से तैयार किया गया है। जिससे कि गर्मी में भी यह ठंडी रहे।

भीषण गर्मी मिलती है राहत

इसकी बनावट ऐसी है, जो कि इसे गर्मी में भी राहत देती है और सर्दियों में तो यह बर्फ की तरह ठंडी होती है। इसे पुराने समय के बेहतरीन कारीगरों द्वारा बनाया गया है। इसलिए बहरदा गांव की यग बोहारो हवेली बिना किसी संसाधन के पूरी तरह से ठंडी रहती है साथ ही इसकी वास्तुकला भी देखने लायक है।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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