आपने सभी ने मुंबई के मरीन ड्राइव के बारे में तो सुना ही होगा। वहां गए भी होंगे। अगर नहीं तो जाने का प्लान तो जरूर होगा। मरीन ड्राइव एक ऐसी जगह है, जहां आप समुद्र किनारे सुकून के पल बिता सकते हैं। यहां ठंडी-ठंडी लहरों किनारे गर्मा-गरम चाय और कॉफी का मजा ले सकते हैं। यहां खाने-पीने के भी कई ऑप्शन होते हैं। वहीं रात के समय यहां की रौनक अलग ही होती है। यह जगह जैसे दुनिया की भीड़-भाड़ से दुर आपको खुद से मिला देती है। जहां आप एकांत में बैठ यहां की खूबसूरती को निहार सकते हैं। सोचिए, अगर ऐसी ही जगह आपको अपने शहर में मिल जाए तो ? जी हां, अब आपको मरीन ड्राइव की सैर के लिए कहीं दूसरी जगह नहीं जाना होगा, क्यों अब आपके अपने लखीसराई में किऊल नदी पर मरीन ड्राइव बनने जा रहा है। अब आप अपने शहर में ही मरीन ड्राइव घूमने का आनंद ले सकते हैं। जल्द ही यहां एक मरीन ड्राइव बनने जा रहा है। जिसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
100 करोड़ की लगात से बनेगा मरीन ड्राइव
लखीसराई के लोगों का मरीन ड्राइव का सपना अब जल्द पूरा हो जाएगा। किऊल नदी के किनारे 100 करोड़ रुपये की लागत से मरीन ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इसे जल्द से जल्द बनाने के लिए नगर परिषद के अध्यक्ष ने पहल भी शुरु कर दी है। पीछले कई सालों से किऊल नदी के किनारे मरीन ड्राइव बनाने के लिए डीएम को सुझाव दिए गए थे। लेकिन, ज्यादा लागत लगने के वजह से अभी तक मरीन ड्राइव के लिए पहल नहीं की जा सकी थी। लेकिन, अब इसे लेकर बताया जा रहा है कि इसे करीब 100 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। जिसे लेकर पिछले साल ही नगर निगम परिषद की ओर से नगर निगम एंव विकास विभाग को प्रपोजल भेज दिया गया है। जैसे ही इसे मंजूरी मिल जाती है तो मरीन ड्राइव का काम शुरू किया जाएगा।
किऊल नदी किनारे बनेगा मरीन ड्राइव
मरीन ड्राइव को लेकर कहा जा रहा है कि विद्यापीट चौक से लेकर लाल पहाड़ी तक किऊल नदी के किनारे-किनारे इसका निर्माण किया जाएगा। किऊल नदी के किनारे मिट्टी की भराई के साथ बोल्डर लगाकर मरीन ड्राइव को तैयार करवाया जाएगा। मरीन ड्राइव को बनाने में किऊल नदी की अधिक्रमण बाधा डालने का काम कर सकता है। हालांकि नगर परिषद की बैठक में मरीन ड्राइव के निर्माण का प्रस्ताव भेज दिया गया है।
तकनिकी की मंजूरी के बाद होगा निर्माण
इसे लेकर नगर आवास और विकास विभाग के स्वीकृति के बाद प्रशासन और तकनिकी की मंजूरी के बाद ही मरीन ड्राइव का निर्माण शुरू किया जाएगा। नगर आवास और विकास विभाग की मंजूरी के बाद प्रशासन और तकनीकी स्वीकृती होने के बाद ही मरीन ड्राइव बनाने के लिए टेंडर कराया जाएगा। हालांकि, कई लोगों को कहना है कि 100 करोड़ की लागत नगर परिषद नहीं लगा सकती है। इसके लिए नगर परिषद सहित प्रशासन और नगर परिषद के अध्यक्ष को अभी काफी मेहनत करनी होगी।
आसान होगा यात्रियों का सफर
झारखंड की लाइफलाइन कही जाने वाली किऊल नदी के किनारे मरीन ड्राइव बन जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। लोग अपने नीजी वाहनों से विद्यापीठ चौक से जमुई मोड़ तक आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं यहां के लोगों को मरीन ड्राइव बनने से एक घूमने की सही जगह भी मलि जाएगी। कब से यहां के लोग मरीन ड्राइव का सपना देख रहे थे। जो अब जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जाम की समस्या से मिलेग राहत
बिहरा की राजधानी पटना में बने मरीन ड्राइव के बाद से ही लखीसराई के लोग किऊल नदी किनारे मरीन ड्राइव का सपना देख रहे थे। इसे लेकर लोगों की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि इस शहर में एक ही मुख्य सड़क होने के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। जिससे लोगों को हर दिन समस्या का सामना करना पड़ता है। अब शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए नदी किनारे मरीन ड्राइव का सपना यहां कि निवासी कब से देख रहे थे।
शहर के व्यापरियों को भी मिलेगा लाभ
किऊल नदी पर मरीन ड्राइव के निर्माण से यहां के निवासी खुश हो जाएंगे। यहां जाम की समस्या खत्म होने के साथ ही शहर के व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। वहीं इस शहर की सुंदरता भी बढ़ जाएगी और यहां से आने जाने वालों लोगों में इजाफा होगा।
