बीजापुर : जिले में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर होने के संदेह में एक ‘शिक्षादूत’ (सरकारी स्कूलों में अस्थायी अतिथि शिक्षक) की कथित रूप से अपहरण कर हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गंगालूर थाना क्षेत्र में तोड़का गांव के कल्लू ताती (25) शुक्रवार शाम पास के लेंड्रा गांव स्थित स्कूल से घर लौट रहे थे तभी नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया। नक्सलियों ने धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी और शव को गांव के पास फेंक दिया। अधिकारियों ने बताया कि आज सुबह सुरक्षाबलों के दल को घटनास्थल रवाना किया गया तथा बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। नक्सली, बस्तर क्षेत्र में पुलिस मुखबिर होने के संदेह में ‘शिक्षादूतों’ को निशाना बनाते रहे हैं तथा जून 2023 से बस्तर क्षेत्र में ऐसे आठ शिक्षकों की हत्या की गई है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘‘हम क्षेत्र में बच्चों को शिक्षित करने में लगे एक युवक की कायरतापूर्ण हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। समाज के उत्थान के लिए काम करने वालों को निशाना बनाकर माओवादियों द्वारा किए गए ऐसे जघन्य कृत्य किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किये जाएंगे। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों में बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में माओवादियों ने ऐसे आठ समर्पित स्वयंसेवकों की हत्या कर दी है। इन हत्याओं के पीछे का स्पष्ट मकसद स्थानीय आबादी—विशेषकर बच्चों—को शिक्षा के अवसर से वंचित करना है।
उन्होंने कहा कि माओवादियों को डर है कि एक शिक्षित और जागरूक समाज अब उनकी पुरानी, अमानवीय, विकास-विरोधी और क्रूर विचारधारा का समर्थन नहीं करेगा। बस्तर पुलिस जनता को आश्वस्त करती है कि ऐसे हर अपराध की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा, ‘‘पुलिस बल सभी नागरिकों, विशेषकर क्षेत्र में शिक्षा और विकास गतिविधियों में लगे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम माओवादी हिंसा के खिलाफ अभियान तेज करने और बस्तर के लोगों की जायज आकांक्षाओं की रक्षा करने के अपने संकल्प को दोहराते हैं।
इस साल 5 शिक्षकों की हत्या
सुंदरराज ने बताया कि शिक्षादूतों की आठ मौतों में से पांच इसी साल हुई है। इससे पहले 27 अगस्त को नक्सलियों ने सुकमा जिले में एक ‘शिक्षादूत’ की हत्या कर दी थी। नारायणपुर जिले में भी 15 अगस्त को इसी तरह की हत्या हुई थी। पिछले महीने, पड़ोसी बीजापुर जिले के फरसेगढ़ इलाके में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर होने के शक में दो ‘शिक्षादूतों’ की हत्या कर दी थी।
पड़ोसी दंतेवाड़ा जिले में 19 फरवरी को एक शिक्षादूत समेत दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। सुकमा में जून 2023 में एक शिक्षादूत और पिछले साल सितंबर में एक और शिक्षादूत की हत्या कर दी गई थी। इस साल अब तक सात ज़िलों वाले बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा में 30 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
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